शत्रुघ्न चौहान मामले के दिशानिर्देशों में संशोधन पर सशर्त विचार को तैयार सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय फांसी की सजा पर अमल से संबंधित 2014 के शत्रुघ्न चौहान मामले में जारी दिशानिर्देशों की समीक्षा को शुक्रवार को तैयार हो गया, लेकिन उसने स्पष्ट किया कि नए दिशानिर्देशों का उस मुकदमे पर असर नहीं होगा। मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की खंडपीठ ने शत्रुघ्न चौहान और अन्य को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किए।

शीर्ष अदालत ने पूछा कि शत्रुघ्न चौहान मामले में न्यायालय का फैसला आरोपी केंद्रित है, इसे केंद्र क्यों बदलना चाहता है। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि वह आरोपी के अधिकारों को खत्म करना नहीं चाहते बल्कि इस मामले को पीड़िता और समाज केंद्रित बनाये जाने के पक्ष में हैं।

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