शिक्षक दिवस के अवसर पर जनपद के दो शिक्षकों को किया गया सम्मानित

बरेली। शिक्षक दिवस के अवसर पर माननीय प्रदेश के मुख्यमंत्री जी द्वारा लोक भवन ऑडिटोरियम लखनऊ में कल एक कायॅक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विकास भवन सभागार में माननीय महापौर डॉ0 उमेश गौतम, माननीय अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती रश्मि पटेल, माननीय एमएलसी श्री हरि सिंह ढिल्लों, माननीय विधायक बिथरी चैनपुर डॉ0 राघवेंद्र शर्मा, जिलाधिकारी श्री शिवाकान्त द्विवेदी, जिला विद्यालय निरीक्षक श्री सोमारू प्रधान, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री विनय कुमार, राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ0 अवनीश यादव, सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी, एस0आर0जी0 तथा ए0आर0पी0 सहित अन्य अधिकारी, प्रधानाध्यापक आदि ने देखा और सुना। इसके उपरांत मा0 महापौर डॉ0 उमेश गौतम तथा मा0 जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रश्मि पटेल ने मॉ सरस्वती तथा डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर शिक्षक दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

माननीय महापौर डॉ0 उमेश गौतम तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्री रश्मि पटेल ने शिक्षक दिवस के अवसर पर कम्पोजिट विद्यालय आदर्श सुभाष नगर, बरेली की सहायक अध्यापिका श्रीमती सीमा कश्यप को शाल उढ़ाकर, मॉ सरस्वती की मूर्ति प्रशस्ति पत्र तथा 25000 रुपए का चेक तथा एस0आर0 इंटरनेशनल के प्रधानाचार्य श्री अमित रोनाल्ड चौहान को शाल उढ़ाकर, स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर मा0 महापौर डॉ0 उमेश गौतम ने कहा कि शिक्षक एक शिक्षक के साथ-साथ समाज, प्रदेश और राष्ट्र का निर्माता होता है। मा0 जिला पंचायत अध्यक्षा ने जनपद के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र का विकास और समृद्धि वहां शिक्षा प्रणाली एवं शिक्षकों पर निर्भर करता है।
माननीय एमएलसी श्री हरि सिंह ढिल्लों ने कहा कि समाज में शिक्षकों का स्थान कोई नहीं ले सकता क्योंकि शिक्षकों के प्रयास से ही किसी समाज का चरित्र और भाग्य निर्भर करता है। शिक्षक ही अपने प्रयास से समाज के सभी वर्गों के उत्थान एवं विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

जिलाधिकारी श्री शिवाकान्त द्विवेदी ने कहा कि गुरु की महत्वाकांक्षा होती है कि उसका शिष्य उससे अग्रिम पंक्ति में पहुंचे। उन्होंने कहा कि शिक्षक और शिक्षार्थी के बीच संबंधों में घनिष्ठता, प्रेम, स्नेह, विनम्रता तथा सद्भावना के मूल्य ही किसी भी समाज एवं राष्ट्र को समृद्ध बनाने में अग्रणी भूमिका निभाते हैं। किसी भी राष्ट्र का चरित्र कैसा होगा उस देश के शिक्षकों के त्याग एवं चरित्र पर निर्भर करता है। भारतीय संस्कृति में गुरु को सबसे श्रेष्ठ माना गया है।

बरेली से ए सी सकसेना की रिपोर्ट

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