शिक्षा विभाग का तुगलकी फैसला: पढाई पहले शुरु होगी, रिजल्ट बाद में आएगा

भोपाल: प्रदेश के शिक्षा विभाग के एक तुगलकी निर्णय के चलते सरकारी स्कूल के बच्चे बगैर रिजल्ट सुने अगली कक्षा की पढाई शुरु कर देंगे और उनके रिजल्ट बाद में आएंगे। नए शिक्षण सत्र में स्कूल 2 अप्रैल से खुलेंगे और इस अवधि तक परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो सकेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को किसी भी सूरत में 30 अप्रैल तक परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिए निर्देशित किया है। इसकी वजह यह है कि मार्च में मिडिल स्कूल तक की कक्षाओं की परीक्षाएं होंगी।

इस वजह से मार्च के अंत तक रिजल्ट घोषित नहीं किया जा सकता। स्कूल शिक्षा विभाग ने पहली से आठवीं कक्षा तक के परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने की तारीख 30 अप्रैल तय की है। यह भी कहा गया है कि 27, 28 और 29 अप्रैल को पालकों और एसएमसी सदस्यों के समक्ष समारोह पूर्वक छात्रों के प्रगति पत्रक का वितरण छात्रों को किया जाए और उन्हें वर्तमान कक्षा से अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाए।

अब स्कूलों के प्राचार्यों और शिक्षकों ने ही यह सवाल उठाए हैं कि बिना रिजल्ट की घोषणा के आठवीं के छात्र को नौवीं में कैसे भेज दें। यानि परिणाम घोषित हुआ नहीं और छात्र को अगली कक्षा में भेजकर पढ़ाई शुरू करवाई जा रही है। शिक्षकों के मुताबिक बहुत से छात्र ऐसे होते हैं, जो पढ़ाई में कमजोर होते हैं और कई बार उन्हें वर्तमान कक्षा को दोहराने के लिए कहा जाता है। ऐसे में यह फैसला समझ से परे है। जल्दबाजी में बिना सोचे-समझे कोई भी फैसला लिया जा रहा है।

निजी स्कूलों में पहले रिजल्ट घोषित होता है उसके बाद छात्र को अगली कक्षा में पढ़ने के लिए भेजा जाता है। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक लोकेश कुमार जाटव ने यह निर्देश भी दिए हैं कि कक्षा तीसरी से सातवीं तक वार्षिक परिणाम में डी और ई ग्रेड प्राप्त विद्यार्थियों की शाला स्तर पर विशेष कक्षाएं लगाई जाएं। यह कक्षाएं अप्रैल और जून में लगाई जाएंगी।

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