शिवराज को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने केके मिश्रा के खिलाफ मानहानि केस रद्द किया

भोपाल: मानहानि मामले में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता केके मिश्रा के लिए राहत भरी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा केके मिश्रा के खिलाफ मानहानि केस में ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि ट्रायल सही तरीके से नहीं चला। सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मामले को रद्द किया। इसके साथ ही शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा और जुर्माने को भी खत्म कर दिया है।

गौरतलब है कि व्यापम घोटाला उजागर होने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने 21 जून 2014 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी पत्नी साधना सिंह पर परिवहन आरक्षक भर्ती मामले में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। मिश्रा ने साधना सिंह के गृह नगर गोंदिया के कुछ लोगों को नियमों के खिलाफ भर्ती किए जाने का आरोप भी लगाया था।

इस पर मुख्यमंत्री शिवराज की ओर से केके मिश्रा पर मानहानि का मामला दर्ज किया गया था। नवंबर 2017 में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और परिजनों की मानहानि के मामले में जिला अदालत में न्यायधीश काशीनाथ सिंह ने मानहानि मामले में फैसला सुनाते हुए ने केके मिश्रा को दो साल की सजा सुनाई थी। साथ ही 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया था। जिसके बाद मिश्रा ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

जिस पर आज सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले को रद्द करते हुए मिश्रा की सजा और जुर्माने को भी खत्म कर दिया है। बता दे कि मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल मानहानि संबंधी यह प्रदेश का पहला मुकदमा था।
हिन्दुस्थान समाचार /नेहा/प्रतीक

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