शिवराज ने दिग्विजय पर कसा तंज, कहा- कांग्रेस शासनकाल में 12 सौ में करते थे पंचायत सचिव काम

भोपाल। पंचायत सचिवों के लिए आज का दिन एक बड़ी सौगात लेकर आया है। मध्‍यप्रदेश के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंचायत सचिवों को बड़ी सौगात देते हुए उनकी सभी मांगे मान ली है। दरअसल, रविवार को मुख्‍यमंत्री निवास पर पंचायत सचिवों का सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें मुख्‍यमंत्री ने घोषणा करते हुए पंचायत सचिवों को छठवें वेतनमान का लाभ देने की घोषणा की है। इतना ही नहीं अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता 1 अप्रैल 2008 से करने का भी निर्णय लिया गया है। वहीं मुख्‍यमंत्री ने कहा कि अब पंचायत सचिव की नई नियुक्ति से 10 हजार वेतन और महिलाओं को 180 दिवस का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। इसमें पिता को 15 दिन की छुट्टी मिलेगी।

इसके अलावा मुख्‍यमंत्री ने कहा कि 10 साल सेवा करने वाले पंचायत सचिवों को 2400 ग्रेड पे पर रखा जाएगा। वहीं 10 साल से कम सेवा वाले पंचायत सचिवों को 19 सौ का ग्रेड पे पर रखने का ऐलान किया गया। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि आज से पंचायत सचिव नियमित कर्मचारी होंगे। बता दे कि प्रदेश भर में 23 हजार ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव तैनात है। सम्मेलन में पूरे प्रदेश से पंचायत सचिव शामिल होने भोपाल पहुंचे है।

इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके शासनकाल पर तंज भी कसा। उन्‍होंने कहा कि सरकार मां है लेकिन पुरानी सरकार मां नहीं थी। कांग्रेस शासनकाल में 12 सौ रुपए में पंचायत सचिव काम करते थे। महाराज जब छोड़कर गए थे तो पंचायत सचिवों को 500 रुपए मिलते थे, अब हर महीने हजारों रुपए मिलते हैं। पंचायत सचिवों को पुरानी सरकार पंचायत कर्मी कहती थी, सुनकर मन में ठेस पहुंचती थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण मध्यप्रदेश के निर्माण में सचिवों का योगदान रहा है। हर गरीब को घर मिलेगा।

इस दौरान पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव ने पंचायत सचिवों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे लिए आज होली, दिवाली, क्रिसमस, दशहरा और ईद का दिन है। मुख्‍यमंत्री ने विकास के काम, सड़क बांध व अन्य कार्य को रोककर पंचायत सचिवों की मांग मानी है। आजादी के बाद पहली बार कोई किसी सीएम ने पंचायत कर्मियों के लिए इतनी बड़ी घोषणा की है। पीएम आवास योजना में मध्‍यप्रदेश पहले नम्बर पर है, इसके लिए पंचायत ग्रामीण विकास विभाग बधाई का पात्र है।

सम्मेलन में मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में रामराज्य लाने के सबसे बड़े माध्यम पंचायत सचिव हैं। पंचायत सचिवों के साथ मिलकर सरकार मध्यप्रदेश को हिन्दुस्तान नहीं, दुनिया का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाएगी और हर गरीब को घर मिलेगा। गौरतलब है कि प्रदेश भर में कुल 23 हजार ग्राम पंचायतों में पंचायत सचिव तैनात है। सम्मेलन में पूरे प्रदेश से पंचायत सचिव भोपाल पहुंचे।

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