शिवराज सरकार भोपाल और इंदौर में जल्द लागू करेगी पुलिस कमिश्नर प्रणाली

भोपाल: शिवराज सरकार भोपाल और इंदौर में जल्द पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू कर सकती है।शिवराज सरकार सूबे में कानून व्यवस्था को लेकर अंग्रेजों के जमाने के कमिश्नर राज (आयुक्त प्रणाली) को लागू करने पर विचार कर रही है। इस संबंध में पुलिस विभाग ने सभी अधिकारियों को इसकी तैयारी के निर्देश दिए हैं।माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री आने वाले दिनों में इसे लागू करने की घोषणा कर सकते है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि शहरों की आबादी ज्यादा हो रही है, इसलिए कमिश्नर प्रणाली लागू करना पड़ेगी। दरअसल, अब तक 71 जगहों पर पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू हो चुकी है। अगर मध्यप्रदेश में लागू होती है तो भोपाल भोपाल 72 वां और इंदौर 73 वां शहर होगा । CM शिवराज सिंह की यह पहल पुलिस की कार्यप्रणाली में एक बडे सुधार के रूप में देखी जा रही है।वही गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने जिन राज्यों में यह प्रणाली लागू हुई है, वहां की कानून-व्यवस्था की स्थिति का अध्ययन कराने की बात की है।इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार फैसला लेगी, कि यह प्रणाली प्रदेश के भोपाल और इंदौर में लागू की जाएगी या नही।

सूत्रों की माने तो अगर यह प्रणाली लागू होती है तो दोनों जिलों में आईजी कमिश्नर होंगें।प्रदेश की सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस कमिश्नर प्रणाली एक बेहतर विकल्प बन सकता है।इसके बाद प्रदेश के दो शहर भोपाल-इंदौर भी बैगलुरू, मुंबई, कोलकाता और दिल्ली जैसे महानगरों में गिने जाएंगे। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे पिछड़े राज्यों की तुलना में मध्यप्रदेश और अग्रणीय राज्य में होगा। गौरतलब है कि देश के 71 शहरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है। 19 महानगरों की आबादी 20 लाख से ज्यादा है। इनमें 14 ऐसे हैं, जहां यह प्रणाली है।

20 लाख से ज्यादा आबादी वाले पांच शहर जिनमें पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू नहीं है उसमें इंदौर, पटना, कानपुर, लखनऊ और गाजियाबाद शामिल हैं। 10 से 20 लाख आबादी वाले 34 शहरों में से 26 शहरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू है। ये व्यवस्था अंग्रेजों के ज़माने की है. इसके तहत जिन शहरों की आबादी 10 लाख से ज्यादा है वहां कमिश्‍नर की नियुक्ति की जाती है। दिल्ली में 1979 में जेएन चतुर्वेदी को पहला पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया।

पुलिस के पास सीआरपीसी के तहत कई अधिकार आ जाते हैं, जिसमें भीड़ पर लाठीचार्ज, फायरिंग, धारा 144, होटल बार लाइसेंस, आर्म्स लाइसेंस जारी करने के अधिकार रहते हैं। आरोपी पर ज़ुर्माना लगाकर उसे जेल भेजने, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, नारकोटिक्स, एक्साइज़ संबंधी शक्ति भी पुलिस कमिश्नर के पास रहती है। मजिस्ट्रियल सिस्टम में धारा 144, 07 और 51 की पावर डीसी के पास होती है।

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