शिवसेना ने बीजेपी के अनशन को बताया ढोंग

मुंबई। शिवसेना के अपने अखबार में संपादकीय लिखकर बीजेपी सरकार के एक दिन के अनशन पर जोरदार हमला बोला है। उसने अनशन को आत्मकलेश का उत्सव कहा है। उसने कहा है कि आम जनता के लिए शिवसेना भी विरोध प्रदर्शन करती है, मगर वह अनशन का ढोंग नहीं करती। संपादकीय में लिखा गया है कि विरोधियों के हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही न चलने के विरोध में जब बीजेपी ने देश भर में अनशन किया, तब संसद का सत्र खत्म हुए आठ दिन बीत चुके थे।

ऐसे में जिस दिन अधिवेशन खत्म हुआ, उसी दिन संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने प्रधानमंत्री सहित सभी को अनशन करना चाहिए था। लेकिन आठ दिन बाद सरकार को संसद में कामकाज न होने का ख्याल आया। संपादकीय में कांग्रेस के सांकेतिक अनशन पर भी निशाना साधा गया है। लिखा गया है कि दिल्ली के बड़े कांग्रेसी नेता अनशन से पहले होटल में जा कर छोले-भटूरे खाते हैं, इसकी तस्वीरें भी सामने आईं। खुद राहुल गांधी अनशन स्थल पर देर से पहुंचे। अन्य कांग्रेसियों ने भी अनशन को गंभीरता से नहीं लिया, इसलिए उनका अनशन भी हास्यास्पद बन गया।

कांग्रेस के असफल अनशन का जवाब देने के लिए बीजेपी ने भी अनशन किया, इसमें भी अनेक बीजेपी कार्यकर्ताओं द्वारा खा पीकर अनशन किए जाने की बात सामने आई। लिखा गया है कि इस देश की अधिकांश जनता आज भी भूखी ही रहती है। कुपोषण के चलते बच्चों की बलि चढ़ रही है। भूख से परेशान होकर परिवार के परिवार आत्महत्या कर रहे हैं। नोटबंदी से लाखों लोगों का रोजगार डूब गया है। अनशन से कुछ हासिल नहीं होता, यह सिर्फ ढोंग है। अन्ना हजारे ने हाल ही में दिल्ली में अनशन किया, उस अनशन से क्या मिला।

कांग्रेस के शासन में अन्ना अनशन पर बैठे, तो उनकी जय-जयकार करने में बीजेपी सबसे आगे थी, लेकिन आज अन्ना किसानों के मुद्दे पर जब अनशन पर बैठे, तब बीजेपी सरकार ने खुद को अन्ना से दूर रखा। कांग्रेस के कार्यकाल में अन्ना का अनशन जिन लोगों ने सिर-आंखों पर उठाया था, उन्हीं ने अब अन्ना का अनशन विफल कर दिया। शिवसेना के मुताबिक अनशन राजनीतिक हथियार बन गया है, इससे किसी को कुछ भी हासिल नहीं होता।

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