शेयर बाजार की गिरावट से सारी दुनिया के व्यापार जगत में चिंता

मुंबई: शुक्रवार एवं सोमवार को अमेरिका एवं भारत के शेयर बाजारों में भारी गिरावट के बाद सारे देश और दुनिया में शेयर बाजार की गिरावट को लेकर चिंता की लहर दौड़ गई है। इस सप्ताह के पहले दिन भारी गिरावट के चलते देश एवं दुनिया के बाजारों में चिंता का वातावरण बन गया है। 10 वर्षीय बेंच मार्क ट्रेजरी नोट का प्रतिफल 4 साल की ऊंचाई पर पहुंच गया है। महंगाई के डर से अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से आक्रमक वृद्धि से निवेशकों की परेशानी बढ़ गई है।

भारत में राजकोषीय घाटा बढ़ने के कारण रिजर्व बैंक के नीतिगत रुख पर भी चिंता व्यक्त की जा रही है । इसका असर बैंक क्षेत्र के शेयर में अनिवार्य रूप से पड़ेगा। लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर कर लगाने से निवेशकों का रुझान शेयर बाजार में देखने को नहीं मिल रहा है। बाजार में कैपिटल गेन को लेकर नकारात्मक वातावरण बना है। जिसके कारण मुनाफा वसूली हो रही है।

शेयर बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय भारतीय बाजार का मूल्यांकन बहुत ज्यादा है। इसमें गिरावट लगातार बनी रहेगी। भारतीय शेयर बाजार में अब आगे निवेश करके पैसे कमाने का आकर्षण निवेशकों के बीच में नहीं होने से आने वाले कुछ दिनों में शेयर बाजार में और भी भारी गिरावट देखने को मिल सकती है।

विशेषज्ञों की राय है कि लंबी अवधि के लिए निवेश करने के स्थान पर निवेशकों को स्माल और मिडकैप शेयर में निवेश करने पर ज्यादा सुरक्षा मिलेगी। जिस तरह की स्थिति बनी हुई है। ऐसी स्थिति में चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में निवेश करने से हानि की संभावना ज्यादा रहेगी। सोमवार को भी 500 अंकों की गिरावट के साथ भारतीय बाजार में कारोबार शुरू हुआ था। सारे दिन अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। भारतीय शेयर बाजार और अमेरिकी शेयर बाजारों में जो अफरा-तफरी मची है। उससे सारी दुनिया के शेयर बाजार के निवेशक चिंतित हैं।

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