श्रीनगर मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी सफलता, कई बड़े अपराधों में शामिल दो आतंकियों का खात्मा- IGP कश्मीर ने दी बधाई

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में सुरक्षाबलों को शुक्रवार को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. सुरक्षाबलों को आतंकवादियों के बीच जारी मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए हैं. मारे गए दोनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा के बताए जा रहे हैं. इनके शव मुठभेड़ स्थल से बरामद किए गए. एक की पहचान नजीर अहमद सोफी के बेटे इरफान अहमद सोफी और दूसरे की मंजूर अहमद भट के बेटे बिलाल अहमद भट के रूप में हुई है. दोनों नाटीपोरा श्रीनगर के निवासी हैं और दिसंबर-2020 से सक्रिय हैं.

जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के श्रीनगर में सुरक्षाबलों को आतंकवादियों की मौजूदगी की खबर मिली थी. सूचना मिलते ही सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इस दौरान आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने के लिए बार-बार अवसर दिए गए लेकिन, उनकी तरफ से अंधाधुंध गोलियां चलाईं गई. ऐसे में पुलिस और सीआरपीएफ की टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए दो आतंकवादियों को मार गिराया.
‘कई अपराधों में शामिल थे दोनों आतंकी’

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मारे गए दोनों आतंकवादी पुलिस/एसएफ पर हमले और नागरिक अत्याचारों सहित कई आतंकी अपराधों के मामलों में शामिल समूहों का हिस्सा थे. दोनों मारे गए आतंकवादियों ने पुलिसकर्मियों, एसएफ और नागरिकों पर हमलों की एक श्रृंखला को अंजाम दिया, जिसमें 14 दिसंबर 2020 को नाटीपोरा में पीडीपी नेता के पीएसओ की हत्या, लवेपोरा में सीआरपीएफ 73 बीएन के आरओपी पर हमला शामिल हैं.

इन आतंकियों के कारण इसी साल 25 मार्च दो सीआरपीएफ जवानों की मौत हो गई थी. इसके अलावा 17 जून को उन्होंने सैदपोरा में अपने आवास के पास एक छुट्टी पर रहने वाले पुलिस अधिकारी सीटी जाविद अहमद पर हमला किया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी. 22 जून को मेंगनवारी नौगाम में इंस्पेक्टर परवेज अहमद पर हमला किया, जिसमें उनकी मौत हो गई.

पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी ग्रेनेड हमलों और श्रीनगर शहर में पुलिस/एसएफ पर पेट्रोल बम हमलों में भी शामिल थे. सात मई को उन्होंने श्रीनगर के नवाबाजार इलाके में पुलिस/सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टी पर एक ग्रेनेड हमला किया जिसमें सीआरपीएफ के पांच जवान और एक नागरिक घायल हो गए थे. इसके साथ ही 26 जून को उन्होंने बरबरशाह में पुलिस/सीआरपीएफ की संयुक्त पार्टी पर एक और ग्रेनेड हमला किया जिसमें एक नागरिक मारे गए और तीन नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

मारे गए दोनों आतंकवादियों ने श्रीनगर और उसके आसपास के इलाकों में युवाओं को आतंकी गुटों में शामिल होने के लिए प्रेरित करने और भर्ती करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. मुठभेड़ स्थल से एक एके-47 राइफल, एक पिस्टल और चार ग्रेनेड हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया. बरामद सभी सामग्रियों को आगे की जांच और अन्य आतंकी अपराधों में उनकी संलिप्तता की जांच के लिए केस रिकॉर्ड में ले लिया गया है.

आईजीपी कश्मीर ने पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त बलों को इस बड़ी सफलता के लिए को बधाई दी. उन्होंने कहा कि पुलिस और सीआरपीएफ की मदद से दो सबसे वांछित आतंकवादियों का सफाया हो गया, जो कई आतंकी अपराध मामलों में शामिल होने के लिए कानून से बचे हुए थे. आईजीपी कश्मीर ने यह भी कहा कि वर्ष 2021 के दौरान, कश्मीर घाटी में अब तक 78 आतंकवादियों को निष्प्रभावी कर दिया गया है और अधिकांश आतंकवादी प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर से जुड़े थे, यानी 78 में से 39, उसके बाद एचएम, अल-बद्र, जेएम और एयूजीएच थे.

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