संदीप यादव हत्याकाण्ड का खुलासा, जेल भिजवाने की रंजिश में की थी हत्या

लखनऊ: गाजीपुर पुलिस ने सिक्योरिटी एजेंसी के कस्टोडियन संदीप यादव हत्याकाण्ड में मुठभेड़ के बाद 25 हजार के इनामी बदमाश बलवीर सिंह उर्फ राहुल को गिरफ्तार किया। आरोपित के पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा, कारतूस व खोखा बरामद हुआ है। पुलिस का दावा है कि कस्टोडियन की मदद से पुलिस ने आरोपित बलवीर को एक हत्याकाण्ड में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसीका बदला लेने के लिए बलवीर ने संदीप की हत्या की थी।एएसपी ट्रांसगोमती हरेन्द्र कुमार ने बताया कि इटौंजा कुम्हरावां भक्ताखेड़ा गांव में संदीप यादव (35) परिवार के साथ रहता था। संदीप विभूतिखण्ड स्थित एटीएम में रुपये लोड करने वाली सिक्योरिटी एजेंसी में कस्टोडियन था। बीते 30 दिसम्बर को संदीप शाम करीब चार बजे कम्पनी के रुपये जमा करने साथी संग बैंक गया था।

लौटते वक्त बाइक सवार साथी ने सेक्टर-25 के पास संदीप को उतार दिया। वहां से संदीप पैदल जाने लगा। इसी बीच बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर संदीप यादव की हत्या कर दी थी। एएसपी का कहना है कि पुलिस ने पड़ताल की तो परिवारवालों ने सिर्फ बलवीर सिंह उर्फ राहुल से रंजिश की बात कही। उन लोगों ने कहा कि बलवीर सिंह जेल में था। इस जानकारी को पुलिस ने की तो खबर मिली कि बलवीर जेल से बाहर है। पुलिस उन्नाव में बलवीर के घर पहुंची लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस ने सर्विलांस की मदद ली तो उसकी लोकेशन घटनास्थल पर मिली। शक पुख्ता होने पर एसएसपी दीपक कुमार ने आरोपित बलवीर पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया।एएसपी ने बताया कि सोमवार रात इंस्पेक्टर सुजीत राय को सूचना मिली कि इनामी बदमाश कल्याण अपार्टमेंट के रास्ते रिंग रोड मुंशी पुलिया की ओर जाने वाला है।

पुलिस ने संदिग्ध को घेरने की कोशिश की तो उसने पुलिस पर फायर किया। पुलिस ने घेरकर बलवीर सिंह को दबोच लिया। आरोपित बलवीर उन्नाव के थाना बारा सगवर ग्राम खरझारा का रहने वाला है।इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपित बलवीर व संदीप (मृतक) एक ही सिक्योरिटी एजेंसी में काम करते थे। बलवीर के सम्बंध विकासनगर की रहने वाली शबीना से थे। वर्ष 2013 में बलवीर के कहने पर शबीना घर के जेवर व रुपये लेकर उसके साथ भाग निकली थी। शबीना को भगाने से पहले बलवीर ने गांव जाने की बात कहकर संदीप की बाइक मांगी थी। विकासनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पड़ताल की तो पता चला कि घटना में संदीप की बाइक का इस्तेमाल हुआ था। पुलिस ने जब संदीप को पकड़ा तो उसने बलवीर का पता बताया। यही नहीं संदीप की मदद से ही पुलिस ने दिल्ली जाकर बलवीर को पकड़ा।

पूछताछ के बाद पुलिस ने बलवीर की निशानदेही पर शबीना का शव उन्नाव में एक कुएं से बरामद किया था। आरोपित ने कबूला था कि जेवर व नकदी लूटने के बाद उसने शबीना की हत्या की थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि संदीप की मदद से पुलिस ने बलवीर को पकड़ा था। बलवीर ने उसी वक्त यह ठान लिया था कि वह जेल से बाहर आने के बाद संदीप को मार देगा। 38 माह जेल में रहने के बाद अगस्त 2017 में बलवीर जेल से छूटा। बाहर आने के बाद उसने तीन-चार पेशियों पर संदीप को मारने की कोशिश की लेकिन मौका नहीं मिला। अंतत: 30 दिसम्बर को उसने संदीप की गाजीपुर में गोली मारकर हत्या कर दी।

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