सत्ता का वनवास खत्म करने के लिए बुजुर्गों का सहारा लेगी कांग्रेस

रायपुर: एक कहावत है कि जब कोई रास्ता न सूझे और कठिन राह को सरल बनाना हो तो अपने बुजुर्गों की शरण ले लेनी चाहिए। छत्तीसगढ़ में सत्ता का वनवास झेल रही कांग्रेस भी इसी राह पर चलने की तैयारी कर रही है। विधानसभा चुनाव सामने हैं और अब कांग्रेस को अपने पुराने लोगों की याद आ रही है। उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की ताकीद के बाद अब छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने पुराने बुजुर्ग कार्यकर्ताओं की टोह लेने की कोशिशें प्रारंभ कर दी हैं।

राज्य कांग्रेस कमेटी के प्रभारी सचिव कमलेश्वर पटेल के नेतृत्व में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सगंठन के पुर्नगठन के कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। कमलेश्वर ने बताया कि कभी काफी सक्रिय रहे कांग्रेस के वह सदस्य, जो अब किन्ही कारणों से निष्क्रिय हो गए हैं, उन्हें सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए बूथ, सेक्टर और जोन कमेटियों का पुनर्गठन किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि आजादी दिलाने से लेकर अब तक की कांग्रेस की उपलब्धि और केंद्र और राज्य सरकार की विफलता का संदेश गांव-गांव घर-घर पहुंचाया जाएगा। इसके लिए राहुल गांधी ने खासतौर पर टिप्स दिए हैं। रायपुर शहर कांग्रेस के उपाध्यक्ष विकास उपाध्याय का मानना है कि कार्यकर्ता जब अपने गांव-शहर में आंदोलन तेज करेंगे, तो इसकी मारक क्षमता ज्यादा होगी।

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