सफलता की कहानी: बिना बिजली के खेतों में हो रही सिंचाई

नरसिंहपुर: नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव विकासखंड के ग्राम देवनगर पुराना के बरपानी हार में कुछ खेतों में बिजली की लाईन एक किलोमीटर दूर होने से खेतों में सिंचाई में कठिनाई होती थी। इस कठिनाई को दूर किया है मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना ने। इस योजना में गांव के किसान सूर्यकांत पटैल के खेतों पर अब बिना बिजली के सोलर पम्प से सिंचाई हो रही है। इससे सूर्यकांत के खेतों में न केवल फसलों की सिंचाई सुविधाजनक तरीके से हो रही है, बल्कि बिजली के बिल से भी निजात मिल गई है। खेती की लागत में कमी आई है। बिजली नहीं रहने पर भी अब फसलों की सिंचाई का काम नहीं रूकता है।

देवनगर पुराना के बरपानी हार में सूर्यकांत पटैल उनके पिता राजू पटैल और दादा झुम्मक लाल पटैल सभी मिलजुलकर खेती करते हैं। किसान सूर्यकांत पटैल ने बताया कि उनके खेतों में सोलर पम्प के माध्यम से सुबह 11 बजे से अपरान्ह 4 बजे तक अच्छे से सिंचाई हो जाती है। अब उन्हें सिंचाई में कोई दिक्कत नहीं होती। उन्होंने बताया कि उनके खेत पर 5 एचपी का सबमर्सिबल सोलर पम्पिंग सिस्टम लगाया गया है। इससे करीब 10 एकड़ रकबे में अच्छे से सिंचाई हो जाती है। इसकी कीमत करीब साढ़े 4 लाख रूपये है।

उन्होंने मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन किया था। इसकी स्वीकृति मिलने पर उनके खेत में सोलर पम्प लगाया गया। सोलर पम्प लगाने में किसान के अंशदान के रूप में उन्होंने 68 हजार रूपये जमा कराये थे। शेष राशि शासन ने सब्सिडी के रूप में दी है। इस योजना में करीब 85 प्रतिशत की सब्सिडी शासन से मिली है। यह मुख्यमंत्री की बहुत अच्छी योजना है। सोलर पम्प से खेतों में बिना बिजली के सिंचाई होने की सफलता को देखते हुए आसपास के अन्य किसान भी इस योजना में सोलर पम्प लगवाने के इच्छुक हैं। इस योजना में समीप के ही किसान कंछेदी पटैल के यहां भी सोलर पम्प लगाया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना के तहत प्रदेश के किसानों से आवेदन आमंत्रित किये जाते हैं। इस योजना में भारत शासन एवं मध्यप्रदेश शासन द्वारा अधिकतम 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। जिले में इस योजना का लाभ लेने के लिए नरसिंहपुर में मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी नरसिंहपुर स्थित कार्यालय में जिला अक्षय ऊर्जा अधिकारी से अथवा कलेक्ट्रेट नरसिंह भवन में स्थित उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।

योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इस बेवसाइट और पर योजना का विवरण देखा जा सकता है। लक्ष्य से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर उन आवेदकों को प्राथमिकता दी जायेगी, जहां पर विद्युत अधोसंरचना विकसित नहीं है, जहां खेत की दूरी बिजली की लाइन से 300 मीटर से अधिक है या नदी व बांध के समीप ऐसे स्थान जहां पानी की पर्याप्त उपलब्धता हो और जहां सिंचाई के लिए वाटर पÏम्पग की आवश्यकता ज्यादा रहती हो। जहां कृषि पम्पों के लिए स्थाई कनेक्शन नहीं है और विद्युत कम्पनियों द्वारा ट्रांसफार्मर हटा लिये गये हैं, वहां भी सोलर पम्प स्थापित किये जा सकेंगे।

इस योजना का उद्देश्य फसल उत्पादकता बढ़ाने के लिए सिंचिंत क्षेत्र बढ़ाना, बिजली की अनुपलब्धता वाले क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था कराना, डीजल से सिंचाई करने में होने वाले व्यय को बचाना, अस्थाई बिजली कनेक्शनों में कमी लाना, भू- जल संरक्षण और डीजल पम्प से होने वाले प्रदूषण को कम करना है। इसके अलावा सिंचाई के लिए पम्प का उपयोग नहीं होने की स्थिति में इसका उपयोग लाइट, बैटरी चार्जिंग आदि के लिए भी किया जा सकता है।

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