सफाई को लेकर निकायों में होगी प्रतिस्पर्धा

लखनऊ ब्यूरो। योगी सरकार ने पर्यावरण को स्वच्छ रखने के दृष्टिकोण से पहली बार निकायों में सफाई को लेकर प्रतिस्पर्धा करने जा रही है। स्वच्छता प्रतिस्पर्धा 15 नवम्बर से 15 दिसम्बर के मध्य कराई जाएगी। यह प्रतिस्पर्धा 2000 अंक की होगी। इसमें प्रथम भाग में स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के आधार पर वार्ड में किए गए कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा।

द्वितीय में वार्डों के द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन तथा तृतीय भाग के अतंर्गत शहर में होटल, विद्यालय, अस्पताल शामिल हैं। इस प्रतिस्पर्धा के द्वारा मूल्यांकन उपरान्त श्रेष्ठतम अंक पाने वाले वार्डों को जनपद स्तर पर 23 दिसम्बर को एवं प्रदेश में श्रेष्ठतम अंक पाने वाले वार्डों को राज्य स्तरीय समारोह में 25 दिसम्बर को पुरस्कृत किया जाएगा।

नगर विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने मंगलवार को नगरीय निकाय निदेशालय प्रशिक्षण केन्द्र, गोमती नगर में पत्रकारों के साथ बात करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने निकायों को पूर्णतया खुले में शौचमुक्त रखने के लिए व्यक्तिगत तथा सामुदायिक शौचालयों के निर्माण पर बल दिया है। माह के पहले शनिवार को नगर विकास विभाग की ओर से दो घंटा हर स्थानीय निकाय में समग्र रुप से सफाई के अभियान को जनसहयोग के रुप में प्रारम्भ किया है।

उन्होंने पत्रकारों को बताया कि वर्ष 2018 में प्रदेश के शहरों की स्वच्छता में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि 2017 के राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में 334 शहरों में आखिरी 100 शहरों में 50 शहर उत्तर प्रदेश से थे, वहीं वर्ष 2018 के सर्वेक्षण में आखिरी 100 शहरों में घटकर यह स्थान शून्य पर आ गया है तथा प्रदेश के 04 शहरों को देश में सबसे साफ-सुथरे 100 शहरों की श्रेणी में स्थान प्राप्त हुआ है। स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रदेश के निकायों के मध्य स्वच्छता को लेकर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का जन्म हुआ है।

प्रतिस्पर्धा का आयोजन 15 नवम्बर से 15 दिसम्बर तक

खन्ना ने बताया कि इस प्रतिस्पर्धा का स्वच्छता में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना, शहरों को कचरामुक्त करना, खुले में शौच में मुक्ति, परिणामों और विषयों का मूल्यांकनकर्ता से प्रमाणित कराना जैसे बिन्दुओं को सम्मिलित करते हुए जनजागरुकता का व्यापक रुप से संचार करना मुख्य उद्देश्य है। स्वच्छ वार्ड प्रतिस्पर्धा 15 नवम्बर से 15 दिसम्बर के मध्य कराई जाएगी। यह प्रतिस्पर्धा 2000 अंक की होगी।

इसमें प्रथम भाग में स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों के आधार पर वार्ड में किए गए कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा। द्वितीय में वार्डों के द्वारा किए गए कार्यों का मूल्यांकन तथा तृतीय भाग के अतंर्गत शहर में होटल, विद्यालय, अस्पताल शामिल हैं। इस प्रतिस्पर्धा के द्वारा मूल्यांकन उपरान्त श्रेष्ठतम अंक पाने वाले वार्डों को जनपद स्तर पर 23 दिसम्बर को एवं प्रदेश में श्रेष्ठतम अंक पाने वाले वार्डों को राज्य स्तरीय समारोह में 25 दिसम्बर को पुरस्कृत किया जाएगा।

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