सबसे पहले भूटान को गिफ्ट में भेजी 1.5 लाख कोरोना वैक्सीन, भारत ने निभाया पड़ोसी धर्म

मुंबई: आज से भारत सरकार ने भूटान, मालदीव, बांग्लादेश, नेपाल, म्यांमार और सेशेल्स को अनुदान सहायता के तहत (गिफ्ट के तौर पर) कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति शुरू कर दी है। संकट का साथी भारत कोरोना काल में भी अपने पड़ोसी देशों की मदद करने से पीछे नहीं हट रहा है।भारत की तरफ से सबसे पहले भूटान को गिफ्ट के तौर पर आज सुबह कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड के 1.5 लाख डोज भेजे गए हैं। सीरम इंस्टीट्यूट की यह कोविशील्ड वैक्सीन मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बुधवार सुबह भूटान के थिम्पू के लिए रवाना हुई। आज किसी भी वक्त वैक्सीन की यह पहली खेप भूटान पहुंच जाएगी।

बता दें कि भारत ने अपनी जरूरतों को देखते हुए पड़ोसी देशों के लिए बड़ा दिल दिखाया है और आज से पड़ोसी देशों को वैक्सीन की डिलीवरी शुरू कर दी है। भारत की तरफ से गिफ्ट के तौर पर कोरोना वैक्सीन पाने वाला भूटान पहला पड़ोसी देश बन गया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कोविशील्ड वैक्सीन की 1.5 लाख डोज की पहली खेप भारत ने भूटान को रवाना की। भूटान के अलावा, अन्य पड़ोसी देशों को इसी तरह आज अलग-अलग समय पर भारत सरकार वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत सरकार को पड़ोसी और प्रमुख भागीदार देशों से भारत निर्मित टीकों की आपूर्ति के लिए कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं। इन अनुरोधों के जवाब में आपूर्ति सुनिश्चित करने का फैसला किया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि श्रीलंका, अफगानिस्तान और मॉरीशस के संबंध में आवश्यक नियामक मंजूरी की प्रतीक्षा है।

मंत्रालय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं, अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों और अन्य को कवर करने के लिए चरणबद्ध तरीके से भारत में टीकाकरण कार्यक्रम लागू किया जा रहा है, चरणबद्ध रोलआउट की घरेलू आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए भारत आने वाले हफ्तों और महीनों में चरणबद्ध तरीके से कोविड टीकों की आपूर्ति जारी रखेगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि घरेलू निर्माताओं के पास विदेश में आपूर्ति करते समय घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक होगा।

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