सभी 23 आईआईटी की पहली विशाल अनुसंधान एवं विकास प्रदर्शनी, इन्वेंटिव 14-15 अक्टूबर, 2022 को होगी आयोजित

नई दिल्ली: पहली बार देश के सभी 23 आईआईटी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली परिसर में 14-15 अक्टूबर, 2022 तक आयोजित होने वाली विशाल अनुसंधान एवं विकास प्रदर्शनी में एक साथ शामिल होंगे। उद्घाटन सत्र में माननीय केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री, श्री धर्मेंद्र प्रधान उपस्थित होंगे। डॉ पवन गोयनका, चेयरमैन, बीओजी आईआईटी, मद्रास और डॉ बीवीआर मोहन रेड्डी, चेयरमैन, बीओजी आईआईटी, हैदराबाद एवं आईआईटी रुड़की की अध्यक्षता में एक संचालन समिति को इस आयोजन की देखरेख का जिम्मा सौंपा गया है। इस आयोजन को इन्वेंटिव नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य आईआईटी द्वारा किए जा रहे अनुसंधान और नवाचार कार्यों के बारे में समग्र रूप से जागरूकता पैदा करना और जमीनी स्तर पर नवाचारों की बेहतर विकास और पहुंच के लिए राज्य विश्वविद्यालयों एवं संस्थानों, उद्योग और आईआईटी के बीच सहयोगात्मक रास्तों की तलाश करना है।

आजादी का अमृत महोत्सव पहल के अनुरूप भारत की आजादी के 75वें वर्ष के उपलक्ष्य में इस अनुसंधान एवं विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। इसमें जलवायु परिवर्तन, स्थिरता, स्मार्ट सिटी वास्तुकला, ग्रामीण कृषि, किफायती स्वास्थ्य देखभाल, ड्रोन प्रौद्योगिकी आदि सहित विविध क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्देश्य मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप नवाचारों को बढ़ावा देना है, और नवाचारों की बेहतर पहुंच एवं मापनीयता के लिए समाधान तलाशना है जिससे विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को इनका लाभ मिल सके।

इस आयोजन में टियर 2 और टियर 3 शहरों के संस्थानों के प्रशासक और छात्र भी शामिल होंगे, ताकि वो आईआईटी के अनुसंधान और विकास के पारिस्थितिकी तंत्र को निकट से देख सकें और इससे राष्ट्रीय हित की परियोजनाओं के विकास के प्रति समान नवाचार-संचालित दृष्टिकोण पैदा किया जा सके। इससे कृषि, ग्रामीण विकास, स्वच्छता, संसाधन प्रबंधन आदि जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी जमीनी आवश्यकताओं को व्यापक रूप से समझने में भी मदद मिलेगी, और उन्हें ऐसे नवाचारों के विकास में शामिल किया जाएगा जिसका समाज के एक बड़े वर्ग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सके।

आयोजन की संभावना पर टिप्पणी करते हुए, डॉ पवन गोयनका, चेयरमैन, बीओजी आईआईटी मद्रास ने कहा, “भारत द्वारा अनुसंधान और नवाचारों में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए कदम बढ़ाये जाने के साथ, आईआईटी विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने हेतु देश का समर्थन करने में सबसे आगे हैं।इन्वेंटिव का लक्ष्य सभी 23 आईआईटी के प्रमुख नवाचारों की ओर ध्यान आकृष्ट कराना है ताकि आईआईटी में हो रहे अनुसंधान एवं विकास के बारे में जागरूकता बढ़ सके। इससे सभी के लाभप्रद, अधिक किफायती प्रौद्योगिकियों को विकसित करने में मदद मिलेगी। हम ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की सोच को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग, अकादमिक और अनुसंधान एवं विकास संस्थानों के साथ-साथ सरकार से सक्रिय भागीदारी की उम्मीद कर रहे हैं।”

डॉ बीवीआर मोहन रेड्डी, चेयरमैन, बीओजी आईआईटी हैदराबाद और आईआईटी रुड़की ने कहा, ”आईआईटी लगातार राष्ट्र निर्माण में योगदान दे रहे हैं। आज के समय में, जब अत्याधुनिक नवाचारों के लिए प्रमुखतापूर्वक बहु-विषयक अनुसंधान केंद्र स्तर पर हो रहे हैं, यह महत्वपूर्ण है कि आईआईटी में किए गए अनुसंधान और विकास को प्रदर्शित किया जाए और उद्योग एवं नीति निर्माताओं के समक्ष उन सार्थक परिणामों को प्रस्तुत किया जाए जिनसे समाज को लाभ पहुंच रहा है। इस प्रदर्शनी के जरिए, हम उद्योग, सरकारी संस्थानों और शिक्षा जगत के प्रमुख हितधारकों को भारत को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सहयोग हेतु एक-दूसरे के करीब ला रहे हैं। यह प्रदर्शनी ‘अमृत काल’ में देश की प्रगति में तेजी लाने के लिए सीखने, विचारों का आदान-प्रदान करने और नवाचार करने का अवसर प्रदान करती है।”

आईआईटी हैदराबाद के निदेशक, प्रो. बी.एस. मूर्ति ने कहा, “आईआईटी पिछले कई दशकों से देश के अनुसंधान और विकास को समृद्ध करने की दिशा में अथक प्रयास कर रहे हैं। असाधारण खोज करने से लेकर जमीनी स्तर पर नवाचार विकसित करने तक, आईआईटी समग्र विकास के लिए राष्ट्र का समर्थन करने में समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं। इस अनुसंधान एवं विकास प्रदर्शनी की परिकल्पना आईआईटी पारिस्थितिकी तंत्र की सार्वजनिक धारणा को बेहतर बनाने और प्रमुख हितधारकों के बीच संभावित सहयोग अवसर तलाशने के लिए की गई है।”

यह आयोजन जिन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है उनसे जुड़े दस प्रमुख थीम नीचे दिए जा रहे हैं:
• रक्षा और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी
• स्वास्थ्य सेवा (उपकरण और डिजिटल स्वास्थ्य सहित)
• पर्यावरण और स्थिरता (हवा, पानी, नदियों सहित)
• स्वच्छ ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा (हाइड्रोजन और ईवी सहित)
• विनिर्माण (स्मार्ट, उन्नत और उद्योग 4.0 सहित)
• एआई/एमएल/ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकियां (क्वांटम कंप्यूटिंग सहित)
• स्मार्ट सिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर (स्मार्ट मोबिलिटी सहित)
• संचार प्रौद्योगिकी (शिक्षा और 5जी सहित)
• रोबोटिक्स, सेंसर और एक्चुएटर्स
• अर्धचालक, लचीले इलेक्ट्रॉनिक्स और नैनो प्रौद्योगिकी

इस आयोजन के लिए 23 आईआईटी की कुल 75 परियोजनाओं के साथ-साथ 6 शोकेस परियोजनाओं का चयन किया गया है। 6 शोकेस परियोजनाओं में से, आईआईटी कानपुर ड्रोन प्रौद्योगिकी पर चल रहे अनुसंधान एवं विकास पर प्रस्तुति देगा और यह बताएगा कि इसकी उपयोगिता कितनी विविधतापूर्ण हो गयी है; आईआईटी बॉम्बे बहुभाषक परियोजना पर प्रस्तुति देगा, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के दृष्टिकोण के अनुरूप स्थानीय भाषाओं में स्पीच-टू-स्पीच अनुवाद, एनपीटीईएल, स्वयम, एमओओसी वीडियो को सक्षम बनाता है; आईआईटी मद्रास 5-जी कोर और संबद्ध प्रौद्योगिकियों पर प्रजेंटेशन देगा; आईआईटी दिल्ली जलवायु परिवर्तन, कृषि, ग्रामीण प्रौद्योगिकियों, स्वच्छता आदि के व्यापक क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास पर प्रजेंटेशन देगा; आईआईटी खड़गपुर किफायती स्वास्थ्य उपकरणों और प्रौद्योगिकियों पर प्रस्तुतिकरण देगा; और आईआईटी हैदराबाद इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) क्षेत्र में तकनीकी नवाचारों पर प्रस्तुति देगा।

चयनित परियोजनाओं को इस 2 दिवसीय मेगा इवेंट के दौरान नामित बूथों में दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग परिसंघ (फिक्की) और नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विस कंपनीज (नैस्कॉम) के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। दर्शकों में छोटे शहरों के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के प्रशासक एवं छात्र, आईआईटी के वैश्विक पूर्व छात्र, विभिन्न सीएफटीआई के फैकल्टी, डीआरडीओ, इसरो, सीएसआईआर और आईसीएआर के वैज्ञानिक आदि शामिल होंगे।

इस 2-दिवसीय आयोजन में शिक्षाविदों और उद्योग के प्रतिनिधियों के बीच परस्पर संवाद के साथ-साथ प्रत्येक के लिए अलग-अलग सत्र आयोजित किए जाएंगे। डॉ पवन गोयनका, चेयरमैन, बीओजी आईआईटी मद्रास; डॉ बीवीआर मोहन रेड्डी, चेयरमैन, बीओजी आईआईटी हैदराबाद और आईआईटी रुड़की; डॉ. के. राधाकृष्णन, चेयरमैन, आईआईटी परिषद स्थाई समिति और बीओजी आईआईटी कानपुर; और अन्य आईआईटी के आमंत्रित सभी निदेशक उपस्थित रहेंगे।

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