समाजवादी पार्टी के साथ बनाया गठबंधन, मेरठ से आज चुनावी अभियान का आगाज करेंगे शिवपाल यादव: मिशन 2022

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में चाचा-भतीजे यानी शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के एक होने की उम्मीदें अब खत्म होती जा रही हैं. सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ऑफर को रिजेक्ट करने के बाद अब प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल यादव सोमवार को पश्चिमी यूपी से अपने चुनाव अभियान का आगाज करने जा रहे हैं. कृषि कानूनों के विरोध और किसानों के समर्थन में शिवपाल मेरठ के सिवालखास के सिवाल हाईस्कूल मैदान में रैली को संबोधित करेंगे.

शिवपाल यादव को मेरठ में रैली की अनुमति काफी जद्दोजहद के बाद मिली है. कोरोना संक्रमण और धारा 144 लागू होने के चलते जिला प्रशासन ने महज 100 लोगों के साथ ही रैली करने की अनुमित दी है. हालांकि, शिवपाल बड़ी रैली से अपने अभियान का आगाज करने वाले थे, लेकिन अब प्रशासन के सख्त रवैये के चलते सीमित लोगों की बीच ही रैली को संबोधित करना होगा.

प्रगतिशील समाजवादी पार्टी यहीं से अपना मिशन-2022 का आगाज कर रही है. 23 दिसंबर को इटावा में पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह के जन्मदिन पर एक कार्यक्रम तय किया गया है. इसके बाद शिवपाल यादव 24 दिसंबर से यूपी के गांव-गांव की पदयात्रा पर निकलेंगे, जो प्रदेश भर में 6 महीने तक चलेगी. इसके लिए बाकायदा एक प्रचार रथ भी तैयार किया गया है, जिससे शिवपाल यादव यूपी भर में यात्रा करेंगे.

बता दें कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कुछ दिन पहले कहा था कि 2022 के विधानसभा चुनाव में छोटे दलों के साथ हाथ मिलाया जाएगा, लेकिन किसी भी बड़े दल से कोई गठबंधन नहीं होगा. इस दौरान उन्होंने अपने चाचा शिवपाल यादव की पार्टी से गठबंधन को लेकर कहा था कि उस पार्टी को भी एडजस्ट करेंगे. जसवंतनगर उनकी (शिवपाल) सीट है. समाजवादी पार्टी ने वह सीट उनके लिए छोड़ दी है और आने वाले समय में उनके लोग मिलें, सरकार बनाएं, हम उनके नेता को कैबिनेट मंत्री भी बना देंगे. इससे ज्यादा और क्या एडजस्टमेंट चाहिए? हालांकि, अखिलेश के इस ऑफर को शिवपाल यादव ने अस्वीकार कर दिया है और अपना अलग गठबंधन बनाने की बात कही है.

उत्तर प्रदेश के पांच छोटे दलों ने बड़े दलों के साथ जाने के बजाय आपस में ही हाथ मिलाकर चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है. शिवपाल यादव ने साफ कहा है कि वो अपने चुनाव निशान पर ही चुनावी मैदान में उतरेंगे. उन्होंने सूबे के छोटे-छोटे दलों के साथ गठबंधन करने की बात कही है. ऐसे में माना जा रहा है कि हाल ही में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के नेतृत्व में बने भागीदारी संकल्प मोर्चा के साथ हाथ मिला सकते हैं.

हाल ही में शिवपाल यादव और ओम प्रकाश राजभर के बीच मुलाकात हुई है. इसके अलावा AIMIM के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी शिवपाल यादव के साथ गठबंधन करने के संकेत दिए हैं. वहीं, पिछले दिनों शिवपाल यादव भी ओवैसी की तारीफ कर चुके हैं. राजभर सूबे में छोटे दलों के साथ मिलकर एक राजनीतिक विकल्प तैयार करने में जुटे हैं.

ओमप्रकाश राजभर की अगुवाई में बाबू सिंह कुशवाहा की जनाधिकार पार्टी, अनिल सिंह चौहान की जनता क्रांति पार्टी, बाबू राम पाल की राष्ट्र उदय पार्टी और प्रेमचंद्र प्रजापति की राष्ट्रीय उपेक्षित समाज पार्टी ने भागीदारी संकल्प मोर्चा के नाम से नया गठबंधन तैयार किया है. ऐसे में शिवपाल यादव और ओवैसी की पार्टी की भी इस गठबंधन में राजनीतिक एंट्री हो सकती है.

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