सरकारें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पारिस्थितिकी तंत्र में दबाव के बिंदुओं को कर सकती हैं कम

रोम: वैश्विक आपूर्ति श्रंखला पारिस्थितिकी तंत्र पर केंद्रित एक शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन संग भाग लिया। सम्मेलन में आपूर्ति श्रृंखला में सुधार के लिए विश्वसनीय स्रोत, पारदर्शिता तथा समयसीमा के तीन महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि प्रधानमंत्री ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को प्रगाढ़ करने के विषय पर आयोजित एक शिखर सम्मेलन में भाग लिया। सम्मेलन में उन तरीकों पर चर्चा की गई, जिनसे सरकारें वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पारिस्थितिकी तंत्र में दबाव के बिंदुओं को कम कर सकती हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में सुधार के लिए ‘विश्वसनीय स्रोत, पारदर्शिता और समय-सीमा’ के तीन महत्वपूर्ण पहलुओं को रेखांकित किया। बागची ने कहा, प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत पहले से ही सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और दवा (फार्मा) आपूर्ति श्रृंखला का एक विश्वसनीय स्रोत है और स्वच्छ प्रौद्योगिकी आपूर्ति श्रृंखला का हिस्सा बनने को इच्छुक है। अमेरिका, यूरोपीय संघ (ईयू), ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, जर्मनी, इंडोनेशिया, भारत, इटली, जापान, मेक्सिको, नीदरलैंड, कोरिया गणराज्य, सिंगापुर, स्पेन और ब्रिटेन ने आपूर्ति श्रृंखला व्यवधान दूर करने और श्रृंखला को प्रगाढ़ बनाने के दीर्घकालिक मार्ग पर चर्चा के लिए रोम में मुलाकात की।

अमेरिका ने आपूर्ति श्रृंखला को प्रगाढ़ करने के विषय पर आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सुरक्षित, टिकाऊ तथा प्रगाढ़ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला हमारी आर्थिक समृद्धि, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामूहिक हितों का आधार है। सभी देशों ने इस दिशा में साथ काम करने की इच्छा व्यक्त की।

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