सरकार कॉरपोरेट पर अतिरिक्त कर लगाए परंतु देश की सुरक्षा के साथ समझौता न करे: अखिलेश यादव

लखनऊ। केंद्र सरकार द्ववारा सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए पेश की गई ‘अग्निपथ स्कीम’ के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन के चलते देश का माहौल चिंताजनक बना हुआ है। इस दौरान विपक्षी पार्टी के नेताओं का भी अग्निपथ का विरोध करने वाले को समर्थन कर योजना वापस लिए जाने की मांग कर रहे है। देश में अग्निपथ योजना पर जमकर सियासत गरम हुई है। विपक्ष के तमाम नेता केंद्र की मोदी सरकार की आलोचना कर रहे है। अब हाल ही में समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव की टिप्‍पणी आई है।

समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने अपने ट्ववीट अकाउंंट पर ट्ववीट साझा करते हुए सरकार पर तंज कसा और कहा- ‘अग्निपथ’ की नीति सरकार ने बनायी है अतः सरकार व सत्ताधारी दल के प्रवक्ता किसी और को आगे न करें। अमीर उद्योपतियों की आय की सुरक्षा से अधिक ज़रूरी है देश की सुरक्षा इसीलिए जो भी बजट कम पड़ रहा है उसके लिए सरकार कॉरपोरेट पर अतिरिक्त कर लगाए परंतु देश की सुरक्षा के साथ समझौता न करे।

इतना ही नहीं सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने एक अन्‍य ट्ववीट में लिखा- देश के युवाओं में वर्तमान के प्रति निराशा-हताशा और भविष्य के प्रति आशंका-असुरक्षा का भाव, देश के विकास के लिए घातक साबित होता है। सरकारों का दायित्व देश के वर्तमान को सुधारना व भविष्य को सँवारना होता है। भाजपा सरकार का चतुर्दिक विरोध दर्शा रहा है कि भाजपा ने जनाधार खो दिया है।

दरअसल, केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत इस साल 46 हजार युवाओं को सहस्त्र बलों में शामिल किया जाना है और इस योजना में 17 से 21 वर्ष के उम्र के युवाओं की भर्ती 4 साल के लिए होगी, 30-40 हजार प्रतिमाह वेतन मिलेगा और उन्हें ‘अग्निवीर’ कहा जाएगा। योजना के मुताबिक, भर्ती हुए 25 फीसदी युवाओं को सेना में आगे मौका मिलेगा और बाकी 75 फीसदी को नौकरी छोड़नी पड़ेगी।

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