सरकार बेटियों को दे रही 51,100 रुपये, इस योजना का ऐसे उठाएं लाभ

नई दिल्ली। महिला सशक्तिकरण और बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र व राज्य सरकारें कई तरह की योजनाएं चला रही हैं। बिहार में बेटियों के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना ( MKSY ) चलाई जा रही है। इस योजना के तहत बेटियों ( Scheme For Daughters ) के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई तक के खर्चे सरकार वहन करती है। सरकार इस योजना के तहत बेटियों को कुल 51,100 की सहायता राशि देती है। इस योजना का मकसद है कि कोई भी अपनी बेटियों को बोझ ना समझें बल्कि उनके भविष्य को उज्जवल बनाने की सोचें।

मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के फायदे
मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत राज्य की बालिकाओं को उसके जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई तक आर्थिक सहायता मिलती है। यह रकम अलग—अलग किस्तों में दी जाएगी। लड़की के जन्म पर सरकार दो हजार रुपये खाते में ट्रांसफर करती है। वहीं, एक वर्ष की आयु होने और आधार कार्ड बनवाने के बाद एक हजार रुपये दो साल तक मिलेंगे। 2 वर्ष की उम्र के बाद दो हजार रुपये दिए जाएंगे। 12वीं पास करने के बाद 10,000 और स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद 25,000 रुपये मिलेंगे। ऐसे मिलाकर एक लड़की को कुल 51,100 की राशि मिलती है।

योजना के लिए पात्रता
इस योजना का लाभ लेने के लिए बालिका बिहार निवासी होनी चाहिए। प्राथमिक या माध्यमिक स्तर की स्कूल या 12 वीं कक्षा में अध्ययनरत सभी छात्राएं, योजना के लिए पात्र हैं। इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकारी क्षेत्र में काम करने वाले माता-पिता की बेटियों के लिए यह योजना लागू नहीं होगी। एकल परिवार के केवल दो बालिकाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।

कैसे करें आवेदन
इस योजना के आवेदन के लिए आपको आंगनवाड़ी केंद्र पर जाना होगा। यहां आपको आवेदन पत्र प्राप्त करने के बाद उसमें सभी जानकारी भर कर जरूरी दस्तावेजों के साथ आंगनवाड़ी सेविका के पास जमा करवाना होगा।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Loading...
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper