सर्दियों में बच्चों की करें विशेष देखभाल

नई दिल्ली: सर्दियां आ गयी हैं और अब कुछ ही समय में शीतलहर भी चलने लग जाएगी। ऐसे मौसम में बच्चों को विशेष देखभाल की जरुरत रहती है। सर्दियां में पौष्टिक भोजन के साथ ही बच्चों को पर्याप्त उनी कपड़े भी पहनायें। छोटे बच्चों को बड़ों के मुकाबले हमेशा एक कपड़ा ज्यादा पहनाएं। अगर आप दो कपड़े पहन रहे हैं तो बच्चों को 3 कपड़ों की जरूरत होगी।

बच्चों के सिर, पैर और कानों को हमेशा ढककर रखना चाहिए। वे सिर और पैरों से ही सर्दी की चपेट में आते हैं। छोटे बच्चों को कपड़े हमेशा लेयरिंग में पहनाएं। एक-दो मोटे कपड़े के बजाय 3-4 पतले कपड़े उनके शरीर को ज्यादा गर्म रखेंगे। हमेशा अंदर कॉटन के इनरवेयर पहनाएं। उसके ऊपर वॉर्मर, फिर शर्ट, टी-शर्ट याफ्रॉक आदि पहनाएं। उसके ऊपर स्वेटर या जर्सी पहनाएं। शीतलहर होने पर टोपी, मफलर और ऊपर जैकेट भी पहनाएं।

वॉर्मर पहनाने के बाद ही पाजामा पहनाएं। ठंड कम हो तो पाजामे के नीचे वॉर्मर की जरूरत नहीं होती। सर्दियों में ऊनी जुराबें पहनाएं। घुटनों के बल चलनेवाले बच्चों को हाथों में मिटन्स या दस्ताने भी पहनाएं। दस्ताने के मुकाबले मिटन्स पहनाना बेहतर है क्योंकि इनमें उंगलियों को आपस में गर्मी मिलती है।

हो सके तो बच्चे के आसपास हीटर इस्तेमाल न करें। करना ही है तो ऑयल वाले हीटर यूज करें। ये कमरे से ह्यूमिडीटी खत्म नहीं करते। इन्हें भी लगातार न चलाएं। घंटा, दो घंटा चलाकर बंद कर दें। इसी तरह बाहर जाने से करीब 15 मिनट पहले हीटर बंद कर दें, वरना कमरे के अंदर और बाहर के तापमान का फर्क बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है।

बच्चे के बिस्तर पर पतली रजाई बिछाएं। इससे उसे गर्मी मिलेगी। बिस्तर गर्म रहेगा तो बच्चा अच्छी तरह सोएगा। 6 महीने तक के बच्चे को सिर्फ राई वाला तकिया लगाएं। यह उसके सिर पर दबाव नहीं डालता और सिर का आकार भी ठीक रखता है। इस उम्र के बाद चाहें तो कोई भी पतला-सा (4-5 इंच मोटा) तकिया लगा सकते हैं, लेकिन तकिया नर्म होना चाहिए। बच्चा अगर 9-10 महीने का है तो उसे रात में दूध पिलाने की आदत न डालें। इससे उसके दांत खराब होने की आशंका होगी।

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