सस्ती होंगी मौरंग, बालू व गिट्टी

लखनऊ: सूबे में बालू, गिट्टी और मौरंग की कीमतें जल्द नीचे आएगी। इसके संकेत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मौरंग-बालू व गिट्टी की समस्या किसने पैदा की है,सभी जानते हैं। पूर्व की सरकार में तो खनन से सरकार के राजस्व से ज्यादा खनन मंत्री की आय होती थी। वह खनन की नयी नीति लाये है। उन्होंने अफसरों को निर्देश दे दिया है कि 31 मार्च तक बालू, गिट्टी व मौरंग की कीमतें 2016 के बराबर होती दिखनी चाहिए।

सीएम ने एक शेर भी कही, ‘‘चिराग जिसे आंधियो ने पाला, उसे हवा बुझा नहीं सकती’। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुराने संस्कार अचानक नहीं जाएंगे, इसके लिए सरकार को सख्ती दिखानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष सदन में भाषण तो दे सकते हैं, लेकिन सरकार के कामों को नकार नहीं सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि किसान की हैसियत चार गुना बढ़ी है। अब उसे पिछली सरकारोें से गेहूं बेचने पर भी प्रति कुंटल 120 रुपये ज्यादा मिलेंगे।मिट्टी की रायल्टी पर दस वर्ष किया गया शोषण : मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब की बात तो विपक्षी दल करते हैं, लेकिन उसका शोषण करते हैं।

मिट्टी खनन पर रायल्टी लगाकर दस वर्ष तक शोषण किया गया। बसपा सरकार ने रायल्टी लगायी और दोनों दल सरकार में आकर गरीबों-किसानों का शोषण करते रहे।हरहाल में हटेगा कब्जा : मुख्यमंत्री ने विस में कहा कि गरीब जिस जमीन पर है, उसकी झोपड़ी को नहीं हटाया जाएगा। अगर वह आरक्षित जमीन पर बनी है, और उसे खाली कराना जरूरी होता तो पहले उसे घर बनाने के लिए जमीन और मदद दोनों दी जाएगी। गैर आरक्षित जमीन पर घर बना होगा तो उसका पट्टा कर दिया जाएगा, लेकिन सरकारी जमीनों से हर हाल में कब्जा हटेगा। इसमें किसी भी प्रकार की सहानुभूति नहीं दिखायी जाएगी।

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