सिक इंडस्ट्रियल यूनिट को क्रियाशील करने की कार्य योजना करें तैयार: मुख्यमंत्री

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजित करने के लिए सिक इंडस्ट्रियल यूनिट को क्रियाशील करने की एक कार्ययोजना तैयार की जाए। प्रदेश में जो उद्योग बंद हो चुके हैं उन्हें वापस शुरु किया जाए। उन्होंने क्वारंटीन सेन्टर तथा कम्युनिटी किचन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि क्वारंटीन सेन्टर तथा कम्युनिटी किचन में स्वच्छता, सुरक्षा एवं आपूर्ति के बेहतर प्रबन्ध सुनिश्चित किए जाएं। कम्युनिटी किचन के माध्यम से सभी जरूरतमंदों को अच्छा व पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सोशल डिस्टेंसिंग और सेनिटाइजेशन का पालन सुनिश्चित कराया जाए।

लोकभवन में अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी कोविड अस्पतालों में डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टाफ नियमित राउण्ड लें और समय से मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जाए। अपनी पाली में ड्यूटी ज्वॉइन करते समय तथा ड्यूटी समाप्त होने के पूर्व डॉक्टर तथा नर्स द्वारा अनिवार्य रूप से राउण्ड लेते हुए मरीजों के उपचार के संबंध में आवश्यक कार्रवाई की जाएं। चिकित्सालयों में साफ-सफाई की अच्छी व्यवस्था की जाए। अस्पतालों में क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर देने को लेकर भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में बिजली आपूर्ति को अनवरत करने के निर्देश दिए हैं। स्वच्छता अभियान और पंचायती एवं ग्राम्य विकास विभाग में स्वेच्छाग्रहियों का योगदान लेने का भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है।

अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश वापस आने वाले कामगारों/श्रमिकों की क्वारंटीन सेन्टर में स्क्रीनिंग की जाए। क्वारंटीन सेन्टर पर स्किल मैपिंग कार्य को जारी रखते हुए कामगारों/श्रमिकों का दक्षता सम्बन्धी सम्पूर्ण विवरण संकलित किया जाए। कम्युनिटी किचन के माध्यम से कामगारों/श्रमिकों सहित समस्त जरूरतमंदों के लिए पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन के प्रबन्ध जारी रखे जाएं। स्क्रीनिंग में स्वस्थ पाए गए कामगारों/श्रमिकों को खाद्यान्न किट उपलब्ध कराते हुए होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा जाए। होम क्वारंटीन की अवधि में इन्हें 01 हजार रुपए का भरण-पोषण भत्ता प्रदान किया जाए।

अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने हाई-वे, बाजारों और पार्कों में सघन पेट्रोलिंग करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी जगह सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्ण पालन कराया जाए। उन्होंने बताया कि माइग्रेंट कमिशन का गठन जल्द होने जा रहा है। अब तक 24 लाख लोगों की स्किलिंग पूरी की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 के संक्रमण को रोकने में निगरानी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने ग्रामीण व शहरी इलाकों में निगरानी समितियों को सक्रिय रखे जाने के निर्देश दिए हैं।

अपर मुख्य सचिव गृह ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आम के निर्यात के संबंध में कार्य योजना बनाए जाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही स्टेशन पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जाए। रेलवे स्टेशन पर हर यात्री को कोरोना से बचाव के सम्बन्ध में हैण्डबिल उपलब्ध कराया जाए इसको लेकर भी निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि आज से रेल सेवा के प्रारम्भ होने के दृष्टिगत सभी रेलवे स्टेशनों पर थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्टेशन पर प्रशासन, पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अनिवार्य रूप से तैनात हों इसके भी मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं।

प्रदेश में 3083 कोरोना के एक्टिव केस: प्रमुख सचिव स्वास्थ्य

प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश के 75 जनपदों में 3083 कोरोना के एक्टिव केस हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 4891 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। अब तक संक्रमण से प्रदेश में 217 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। प्रदेश का रिकवरी रेट 59.71 फीसदी हो गया है। उन्होंने बताया कि कल 8642 सैम्पल टेस्ट किये गये। टेस्टिंग की क्षमता को बढ़ाते हुए हर जिले में एक-एक ट्रूनेट मशीन उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि 20 ट्रूनेट मशीन 20 जनपदों में उपलब्ध करा दी गई। आज प्रदेश के स्टेट प्लेन से 21 और ट्रूनेट मशीनें आ गई हैं, जिन्हें कल 21 जनपदों में लगा दिया जाएगा। बाकि जिलों में भी दो तीन दिन में मशीनें उपलब्ध हो जाएंगी। कल 958 पूल टेस्ट किये गये, जिसमें से 847 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 111 पूल 10-10 सैम्पल के थे।

प्रमुख सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि आशा वर्कर्स कामगारों/श्रमिकों के घर पर जाकर सम्पर्क कर उनके लक्षणों का परीक्षण कर रही हैं, जिसके आधार पर आवश्यकतानुसार कामगारों/श्रमिकों का सैम्पल इकट्ठा कर जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आशा वर्कर्स द्वारा अब तक 11,47,872 कामगारों/श्रमिकों से उनके घर पर जाकर सम्पर्क किया गया, इनमें 1027 लोगों में कोरोना जैसे लक्षण पाये गये। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप पर अलर्ट जनरेट होने पर लोगों को कन्ट्रोल रूम से कॉल किया जा रहा है। अब तक कुल 49,823 लोगों को फोन कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली गयी है। अब तक 1,00659 सर्विलांस टीम द्वारा 78,27,404 घरों के 3,97,54,181 लोगों का सर्वेक्षण किया गया।

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