सीएम योगी की सख्त हिदायत- बेटियों के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करो गले में तख्ती लटकाकर माफी मांगते फिरें

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में शोहदों और दुराचारियों के विरुद्ध महाभियान छेड़ने का ऐलान किया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि महिलाओं, बेटियों, नाबालिग बच्चों और अनुसूचित जाति के लोगों के विरुद्ध अपराध करने वालों का सभ्य समाज में कोई स्थान नहीं है। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाए कि वे गले मे तख्ती लटकाकर माफी मांगते फिरें या प्रदेश छोड़कर भाग जाएं।

वह गुरुवार को नवरात्र, दशहरा व दीपावली सहित आगामी अन्य त्योहारों को देखते हुए बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए तैयारियों का जायजा ले रहे थे। आवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुसूचित जाति, धर्मगुरु अथवा किसी जनप्रतिनिधि के साथ हुए अपराध की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस व प्रशासन के अधिकारी विशेष ध्यान दें। इसमें लापरवाही न हो।

17 अक्टूबर से शुरू हो रहे ‘मिशन शक्ति’ के पहले चरण में नौ दिनों तक हर थाने में ऐसे असामाजिक तत्वों की सूची बनाएं और इनकी गतिविधियों पर नजर रखें। विजयादशमी के ठीक बाद इन पर कार्रवाई का अभियान शुरू करें। इनके परिवारीजनों से इनकी कारस्तानी बताते हुए इनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करें। ऐसी कार्रवाइयों की दैनिक रिपोर्टिंग हो और शासन स्तर पर समीक्षा हो। घोषित दुराचारियों की चौराहों पर फ़ोटो भी लगाएं।

हालिया कतिपय आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को सक्रियता, तत्परता, संवेदनशीलता और कठोरता की नीति अपनाने का मंत्र दिया। कहा कि जिला स्तर के अधिकारी त्वरित, प्रभावी और कड़ी कार्रवाई करें। घटना के बाद तुरंत मौके पर पहुंचे। अफवाहबाजों से सख्ती से निपटें और सही तथ्य से जनता को अवगत कराएं, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न फैले। देर से हुई कार्रवाई कभी सही नहीं कही जा सकती। त्योहार के दृष्टिगत पुलिस व प्रशासन सतर्क रहे। रामलीला व दुर्गा पंडालों पर महिला पुलिस कर्मी सादे वर्दी में तैनात रहें। ड्रोन से निगरानी हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि थाना स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतों में अब एसपी स्तर के अधिकारियों की भी जवाबदेही तय होगी। किसी माफिया या अपराधी के साथ किसी अधिकारी की संलिप्तता मिली तो उस अधिकारी के विरुद्ध ऐसी सख्त कार्रवाई होगी, जो नजीर बनेगी। वन माफिया, पशु माफिया, खनन माफिया, ठेका माफिया, दंगा माफिया और उनको प्रश्रय देने वालों पर पूरी सख्ती से निपटें। जीरो टॉलरेंस की नीति जमीन पर साफ दिखनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के विस्तृत प्रभाव को देखते हुए पूरी सतर्कता बरतें। यूपी की अनुशासित पुलिस फोर्स को अनुशासनहीन फोर्स के रूप में बदनाम करने की कुछ लोगों की मंशा है। ऐसे लोगों की कुत्सित प्रयास कतई सफल नहीं होंगे। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को डीएम व एसपी स्वयं फोन करें। हर कार्यक्रम की सूचना उन्हें जरूर दें। शासन के सभी कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि खनन का कार्य शुरू हो गया है। अवैध खनन नहीं होना चाहिए। इसकी जवाबदेही डीएम और एसपी की है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गिट्टी व मौरंग के रेट न बढ़ें।

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