सीएम योगी ने अयोध्या में किया 7 फीट ऊंची भगवान राम की मूर्ति का अनावरण

नई दिल्ली: अयोध्या एक बार फिर सुर्खियों में है और वो इसलिए क्योंकि आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वहां आज भगवान राम की एक मूर्ति का अनावरण कर दिया है। हालांकि योगी के दौरे से पहले राम मंदिर को लेकर सियासत शुरू हो गई थी। जल्द राम मंदिर बनाने की मांग की जा रही है और आवाज़ उठाने वाले विरोधी नहीं बल्कि बीजेपी के अपने ही है। वो भी तब जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही साफ कर चुके हैं कि राम मंदिर के निर्माण का रास्ता कोर्ट से ही निकलेगा।

मोदी सरकार प्रचंड बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में आई तो फिर से राम मंदिर का मुद्दा गरम हो गया है। तमाम सवालों के बीच आज फिर रामनगरी अयोध्या सुर्खियों में हैं क्योंकि आज यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ यहां पहुंचे जहां उन्होनें साधु संतों से मुलाकात की। योगी ने उन्हें मंदिर को लेकर मोदी सरकार का एजेंडा समझाया और भव्य मंदिर से पहले लकड़ी से बनी भगवान राम की एक मूर्ति का अनावरण किया। यह 7 फीट ऊंची भगवान राम की ये मूर्ति टीक वुड से बनी है। मूर्ति में भगवान राम कोदंड धनुष के साथ हैं जिससे उन्होंने रावण का वध किया था। दक्षिण भारत में भगवान राम के कोदंड स्वरूप को ही पूजा जाता है। एम मूर्ति को इस प्रतिमा को बनाने के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार मिल चुका है। ये मूर्ति बेंगलुरु के कावेरी म्यूज़ियम में रखी थी, जहां से इसे 35 लाख में खरीदा गया है।

अब सीएम योगी के हाथों अनावरण के बाद ये मूर्ति अयोध्या के म्यूज़ियम में स्थापित होगी। मूर्ति के अलावा योगी भगवान राम के नाम से डाक टिकट भी जारी कर सकते हैं। दिलचस्प बात ये है कि योगी के दौरे से पहले बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के एक ट्वीट ने राम मंदिर के मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है। उधर मोदी सरकार बनने के बाद साधु संत भी राम मंदिर के लिए हवन और यज्ञ में जुटे हैं। अयोध्या में ही साधुओं ने दैवी शक्ति प्रदान महायज्ञ किया जिससे पीएम मोदी को शक्ति मिले और वो दिव्य और भव्य राम मंदिर बनवा सकें। इस बीच शिवसेना भी राम मंदिर पर चल रही हवा को तेज करने में जुटी है। उद्धव ठाकरे 15 जून को अपने 18 सांसदों के साथ रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाने वाले है।

हालांकि इन सब हलचल के बीच प्रधानमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि राम मंदिर उनकी सरकार के एजेंडे में है लेकिन इसके निर्माण का रास्ता कोर्ट से ही निकलेगा। साफ है एक बार फिर अयोध्या में राम मंदिर पर सियासत गर्मा गई है और योगी के दौरे के बाद इसके और बढ़ने की ही संभावना है। वो भी तब जब मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में है।

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