सीएम हेल्पलाइन में काम करने वाली लड़कियों ने खाया जहर, हालत बिगड़ी!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से बड़ी खबर आ रही है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को सीएम हेल्पलाइन में काम करने वाली युवतियों ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। युवतियों को आनन फानन में लोहिया अस्पताल में भर्ती करा गया है।

राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर के विभूतिखंड में साईबर हाईट में सीएम हेल्पलाइन संचालित है। बीपीओ स्योरविन नामक कंपनी इसका काम देख रही है। इसके अंडर में लड़कियों समेत कई टेलीकॉलर सीएम हेल्पलाइन में काम कर रहे हैं। कामगार युवतियों की माने तो उनका कहना है कि तीन चार महीने से हमें वेतन नहीं मिला। इसके लिए कई बार मांग उठाई गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

शुक्रवार की सुबह हद तो तब हो गई जब हेल्पलाइन की टेलीकॉलर 20 लड़कियों को एक कमरे में बंद कर दिया गया। लड़कियों ने आरोप लगाया कि उनके ट्रेनर और सुपरवाइजर अनुराग और आशुतोष ने लड़कियों से सादे कागज पर साइन कराने की कोशिश की। युवतियों ने मना किया तो उन्हें धमका कर उनसे बदतमीजी की गई। लड़कियों का दुपट्टा खींचा गया। इसका वीडियो भी अनुराग और आशुतोष ने बनाया। इसी टॉर्चर के कारण लड़कियों ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की तो दोनों ट्रेनर भाग निकले।

वहीं युवतियों ने यह भी आरोप लगाया है कि दो दिन पहले विभूतिखंड इंस्पेक्टर सत्येंद्र कुमार राय से मामले की शिकायत की गई तो उन्होंने धमकाया कि जेल में बंद कर देंगे, जिससे तुम्हारा भविष्य बर्बाद हो जाएगा। टेलीकॉलरों ने मीडिया के सामने ही पुलिस को गालियां भी दीं।

वहीं, इस मामले में बीपीओ के प्रोजेक्ट हेड ध्रुव मिश्रा ने कहा कि कंपनी में कई शरारती तत्व हैं जो लोगों को भड़का रहे हैं। हम उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वे माहौल खराब कर रहे हैं। लड़कियों के उत्पीड़न के मामले में उनका कहना है कि आरोप गलत है लेकिन इस शिकायत की जांच कराएंगे। हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उनके जरिए जांच की जाएगी।

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