सीबीआई रार -कौन किसके साथ ?

दिल्ली ब्यूरो: केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई डरावना हो गया है। यह एजेंसी मामलों की जांच करती है लेकिन पिछले कुछ समय से यहां काम कर रहे हर लोग एक दूसरे की जांच कर रहे हैं। कौन किसकी जांच कर रहा है किसी को मालुम नहीं लेकिन हर कोई जांच के दायरे में हैं। एक अधिकारी दूसरे की जांच कर रहा है तो एक चपरासी दूसरे अधिकारी के चपरासी के पीछे पड़ा है। दफ्तर के बाहर चाय बेचने वाला भी कम नहीं। वह भी सबकी खबर रख रहा है। कौन कहाँ जा रहा है, किससे बात कर रहा है ,क्या ले रहा है और क्या दे रहा है इस पर दफ्तर के बहार भी कइयों की नजरे लगी हुयी है। कई लोग कह रहे हैं कि दूसरों की जांच करने वाली एजेंसी खुद जांच के घेरे में है। लगे हाथ यह भी सब कहने से नहीं चूक रहे कि यह सबसे भ्रष्ट एजेंसी भी है। कई अधिकारीयों ने अलग अलग दलाल पाल रखे हैं और लोगों ,व्यापारियों और धनधारियों से पैसे ऐंठ रहे हैं।

सीबीआई में ऊपर से नीचे तक घमासान मजा है। नंबर एक अधिकारी यानी निदेशक से लेकर सीबीआई के दफ्तर में कैंटीन चलाने वाले तक का विवाद है। ध्यान रहे सीबीआई के नंबर दो अधिकारी विशेष निदेशक राकेश अस्थाना ने आरोप लगाया है कि अतिरिक्त निदेशक एके शर्मा के परिवार के लोगों सीबीआई में कैंटीन चलाने वाले के साथ मिल कर फर्जी कंपनियां चला रहे हैं। झगड़े का दायरा बहुत लंबा चौड़ा है पर किसी को समझ में नहीं आ रहा है कि कौन किसके साथ है और कौन किसके खिलाफ है। तभी सोशल मीडिया में इसे लेकर खूब मजाक चल रहा है।

कहा जा रहा है कि वर्मा अस्थाना के खिलाफ हैं, अस्थाना वर्मा के खिलाफ हैं, अस्थाना शर्मा के भी खिलाफ हैं, शर्मा भी अस्थाना के खिलाफ हैं, वर्मा राव के खिलाफ हैं, राव बस्सी के खिलाफ हैं, बस्सी अस्थाना के खिलाफ हैं, इस तरह लंबी सूची है। ऐसे ही यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि प्रधानंमत्री किसके साथ हैं और भाजपा अध्यक्ष किसके साथ हैं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार किसके साथ हैं और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव किसका साथ दे रहे हैं, वित्त मंत्री किसके साथ हैं और कैबिनेट सचिव किसके पक्ष में हैं।

प्रधानंमत्री कार्यालय से लेकर कैबिनेट सचिवालय और एजेंसी मुख्यालय तक यहीं चर्चा है कि कौन किसका साथ दे रहा है, कौन किसका विरोध कर रहे है, किसके साथ देने से कौन मजबूत हुआ है और अब किसकी छुट्टी होने वाली है। और सबसे बड़ी बात यह है कि सीबीआई दफ्तर के बाहर ,प्रेस क्लब में ,फॉरेन कोरेस्पोंडेंट क्लब में और कई अन्य क्लबों में सीबीआई से जुड़े लोग इन दिनों खूब मिल रहे हैं और कागजों के आदान प्रदान हो रहे हैं।

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