सुप्रीम कोर्ट का फैसला ,नेशनल हेराल्ड हाउस नहीं होगा खाली

दिल्ली ब्यूरो: नेशनल हेराल्ड हाउस मामले में सुप्रीमकोर्ट ने एसेसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड यानी एजेएल को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने एजेएल की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर चार हप्ते में जवाब मांगा है।साथ ही कोर्ट ने दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। एजेएल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि दिल्ली हाइकोर्ट ने फैसला देते समय एजेएल की तरफ से दी गई दलीलों पर गौर नही किया है। लिहाजा सुप्रीम कोर्ट हाइकोर्ट के फैसले पर रोक लगाए। इससे पहले दिल्ली हाइकोर्ट ने नेशनल हेराल्ड बिल्डिंग को खाली करने का आदेश दिया था जिसके अगले ही दिन संबंधित विभाग के अधिकारी ने नेशनल हेराल्ड को बिल्डिंग खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था।

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि एजेएल को हेराल्ड हाउस अखबार निकालने के लिए दिया गया था, जबकि हेराल्ड हाउस में 2008 में ही अखबार का प्रकाशन बंद कर दिया गया और वहां के स्टाफ को स्वैच्छिक रिटायरमेंट देकर निकाल दिया गया। ऐसे में जब वहां प्रकाशन का कोई काम नहीं हो रहा है तो सरकार के पास उस जगह के दुरुपयोग को रोकने के लिए लीज को रद्द कर देना चाहिए। इस बिल्डिंग में पासपोर्ट ऑफिस भी चल रहा है जिसका किराया एजेएल को जाता है। जबकि एजेएल ने कहा था कि हाइकोर्ट का यह फैसला पूरी तरह से राजनीतिक है, केंद्र सरकार की मनमानी से लीज को रद्द करने का फैसला लिया गया है। बता दें कि नेशनल हेराल्ड कांग्रेस पार्टी का अखबार है। एलएनडीओ ने 30 अक्टूबर को एजेएल से कहा था कि उसका 56 साल पुराना पट्टा निरस्त किया जाता है लिहाजा वो 15 नवंबर तक हेराल्ड हाउस खाली कर दे।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper