सुबह 4 बजे मरकज से निकाले गए 2100 से अधिक लोग, दिल्ली पुलिस ने शुरू की जांच

नई दिल्ली: दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात का मरकज़ भारत के लिए बुरा सपना प्रतीत हो रहा है। दिल्ली पुलिस ने आज सुबह 4 बजे से यहां से 2100 लोगों को निकाला है और उन्हें अलग-अलग जगह आइसोलेशन में रखा जा रहा है। हालांकि, आयोजकों ने कहा था कि यहां पर सिर्फ 1000 लोग रुके हुए हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण का हॉटस्पॉट बने मरकज के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

दिल्ली पुलिस ने निजामुद्दीन मरकज़ मामले में मौलाना साद और कई अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में मौलाना साद के खिलाफ 269, 270, 271 और 120-बी आईपीसी के साथ Epidemic Disease Act 1897 की धारा 3 के तहत भी मामला दर्ज किया। इस बीच, केंद्र ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे भारत में मौजूद तबलीगी जमात के करीब 2,000 विदेशी कार्यकर्ताओं का तत्काल पता लगाए और उन्हें आइसोलेट करें। तबलीगी जमात के मुख्यालय मरकज निजामुद्दीन में आयोजित हुए कार्यक्रम में भाग लेने वालों में से कई लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने और छह लोगों की संक्रमण के कारण तेलंगाना में मौत हो जाने के बाद केंद्र ने राज्यों से यह बात कही।

वहीं, यूपी सरकार ने दावा किया है कि मरकज़ में शामिल हुए 95 फीसदी लोगों की पहचान कर ली गई है। कई शहरों की मस्जिदों में पनाह लेने वाले जमातियों को क्वारंटीन सेंटर भेजा गया है। अब तक 2000 से अधिक लोगों को क्वॉरंटाइन किया गया है। गृह मंत्रालय ने सभी मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों को लिखे पत्र में उनसे कहा है कि वे उन सभी विदेशी जमात अनुयायियों को पहली उपलब्ध उड़ान से उनके देश भेजें जो संक्रमित नहीं पाए गए हैं। गृह मंत्रालय ने पत्र में कहा, ‘इस समय तबलीग कार्य के लिए पर्यटन वीजा पर आए 70 से अधिक देशों के करीब 2000 विदेशियों के देशभर में फैले होने का अनुमान है। इनमें से अधिकतर विदेशी नागरिक बांग्लादेश (493), इंडोनेशिया (472), मलेशिया (150) और थाईलैंड (142) से आए हैं और देश में उनके रहने की अवधि छह माह तक है।’

मंत्रालय ने 28 मार्च को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा, कुछ तबलीगी जमात सदस्यों के दिल्ली के निजामुद्दीन में बंगले वाली मस्जिद स्थित उसके मुख्यालय में ठहरने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उसने कहा कि देश के अंदरूनी हिस्सों में घूमने वाले जमात दल कोविड-19 के संभावित वाहक प्रतीत होते हैं। मंत्रालय ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से तबलीग टीम के हर विदेशी नागरिक की पूरी जांच करने और आवश्यकता पड़ने पर उसे अलग रखने या अस्तपाल में भर्ती कराने की सलाह दी। उसने कहा कि यदि विदेशी नागरिक संक्रमित नहीं पाया जाता है तो उसे पहली उपलब्ध उड़ान से तत्काल उसके देश भेजा जाए।

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