सूर्यगहण का होने वाला है समापन, स्नान के बाद जरूर करें ये काम, मिलता है यश और कीर्ति

नई दिल्ली: आज सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। इसका समापन 3 बजकर 4 मिनट पर होगा। इसके बाद राहु-केतु की बुरी छाया न केवल सूर्य बल्कि पृथ्वी से भी हट जाएगी। धार्मिक ग्रंथों में सूर्य ग्रहण के बारे में विस्तार से बताया गया है। इसके अनुसार सूर्य ग्रहण में सूतक काल से कोई शुभ काम नहीं करना चाहिए।

साथ ही अन्न, जल आदि का भी परित्याग कर देना चाहिए। जबकि सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद भी कई कामों को करने का विधान है। अगर आपको नहीं पता है तो आइए जानते हैं कि सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद कौन-कौन से काम जरूर करने चाहिए-

-सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान जरूर करना चाहिए। स्नान करने के बाद ही भोजन ग्रहण करें। धार्मिक अनुसार बिना स्नान किए भोजन नहीं करना चाहिए।

-घर के किचन सहित सभी कमरों की साफ़-सफाई करें। घर में पोंछा जरूर लगाएं। इससे ग्रहण काल का दोष खत्म हो जाता है।

-स्नान करने के बाद ही भोजन पकाएं और खाएं। पहले के बने खाने को बिल्कुल न खाएं। वैसे कोशिश करनी चाहिए कि ग्रहण के दिन अधिक भोजन न बनाएं। ग्रहण समापन के बाद भोजन पकाकर खाना श्रेष्ठकर होता है।

-स्नान-ध्यान के बाद सबसे पहले ईश्वर की प्रार्थना करें। इसके लिए आप विधिवत उनकी पूजा-आरती कर सकते हैं।

-बासी भोजन को ग्रहण समापन के बाद नहीं खाना चाहिए। इससे बीमार होने का खतरा रहता है। धार्मिक मान्यता अनुसार, इससे घर में दरिद्रता भी आती है।

-ग्रहण के समय और बाद में गाय को चारा और पक्षियों को दाना देना चाहिए।

-सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद दान करना शुभकारी होता है। चूंकि आज आषाढ़ अमावस्या है। अतः ग्रहण समाप्त होने के बाद गरीबों एवं जरूरतमंदों को जथा शक्ति तथा भक्ति भाव से दान-पुण्य करें। इसके पुण्य प्रताप से अमोघ फलों की प्राप्ति होती है। साथ ही पितरों को मोक्ष मिलता है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
Loading...
E-Paper