सेल्फी की लत आपके लिए बन सकती बड़ी समस्या, सजग रहने की है जरूरत

सेल्फी की लत भी आपके लिए बड़ी समस्या बन सकती है। अगर आप भी ऑन स्पॉट मोमेंट सेल्फी खींचने का शौक रखते हैं, तो अब ज़रूरत है आपको अलर्ट होने की। पूरी दुनिया में सेल्फी के दीवानों की संख्या करोड़ों में है और भारत में भी सेल्फी का क्रेज हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है। कहा जाता है कि अति हर चीज की बुरी होती है, ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं कि सेल्फी की आदत आपको किस कदर नुकसान पहुंचा रही है।

खूबसूरत और सॉफ्ट स्किन किसको पसंद नहीं होती, लेकिन आप खुद ही अपनी स्किन को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, सेल्फी का स्किन पर इतना ज़्यादा प्रभाव पड़ता है कि जिस साइड से आप अक्सर सेल्फी लेते हैं, उस साइड की स्किन ड्राई हो जाती है। ऐसे में जब आप उस जगह पर कोई भी क्रीम लगाते हैं, तो वह बेअसर रहती है। इस तरह की डैमेज को कोई भी क्रीम रिपेयर नहीं कर सकती है। हाल ही में आए एक सर्वे की मानें, तो मोबाइल फोन से पड़ने वाली लाइट और रेडिएशन स्किन को धूप की किरणों से 3 गुना ज्यादा नुकसान पहुंचाती है।

किसी को भी छोटी उम्र में उम्रदराज दिखना गवारा नहीं होता है। ऐसे में सेल्फी की आदत आपकी स्किन को बूढ़ा बना सकती है। स्किन स्पेशलिस्ट के मुताबिक, चेहरे पर लगातार स्मार्टफोन की लाइट और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे स्किन बूढ़ी होने लगती है, जिससे जल्दी रिंकल्स पड़ने लगते हैं। दरअसल मोबाइल फोन की तरंगें सीधे डीएनए को नुकसान पहुंचाती है, जिसकी वजह से स्किन की नैचरल रिपेयर क्षमता दिन-प्रतिदिन कम होती जाती है। एक समय के बाद तो सिचुएशन यह हो जाती है कि अगर आपकी स्किन पर कोई पिंपल्स या दाग धब्बे हो जाएं, तो उन्हें ठीक होने में महीनों लग जाते हैं।

जब भी हम घर से बाहर निकलते हैं, तो धूप से अपनी स्किन का बचाने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन फोन से निकलने वाली ये तरंगे अलग तरह की होती हैं, जिसमें सनस्क्रीन भी कोई काम नहीं करती। सनस्क्रीन आपकी त्वचा की बाहरी लेयर को धूप से बचाती है, जबकि मोबाइल की तरंगें स्किन के अंदर की लेयर तक को प्रभावित करती हैं, जिससे सनस्क्रीन भी आपको इस नुकसान से नहीं उबार पाती। सेल्फी के आदी व्यक्ति का हाथ ज्यादातर हवा में रहता है, ऐसे में अगर आप प्रतिदिन कई बार सेल्फी लेते हैं, तो यह ‘सेल्फी एल्बो’ की वजह बन सकती है।

यह एक नई तरह की बीमारी है, जिसमें कोहनी का दर्द सताने लगता है। डॉक्टरों का कहना है कि टेनिस एल्बो और गोल्फर एल्बो की तरह अब ‘सेल्फी एल्बो’ के केस भी सामने आने लगे हैं। सेल्फी लेने का शौक लत बन जाए तो लेने के देने पड़ सकते हैं। आप सेल्फाइटिस बीमारी की चपेट में आ सकते हैं। इस बीमारी से पीड़ित लोगों के दिमाग में हमेशा यह भूत सवार रहता है कि किस जगह सेल्फी लें और कितनी जल्दी उसे सोशल मीडिया पर डालें। धीरे-धीरे बीमारी इतनी बढ़ जाती है कि यह लत बन जाती है।

हाल ही में अमेरिकन साइकलॉजिकल असोसिएशन एपीए ने ऑफिशल रूप से सेल्फी लेने को मेंटल डिसऑर्डर यानी दिमागी बीमारी बताया है और इसे ‘सेल्फाइटिस’ नाम दिया है। इस बीमारी में आपको बार-बार सेल्फी लेने का मन करता है। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर कोई दिन में 3 बार से ज्यादा सेल्फी ले रहा है, तो मान लें कि वह सेल्फाइटिस बीमारी की चपेट में है। इस तरह की बीमारी की चपेट में अक्सर वे लोग आते हैं, जो ऑब्सेसिव कंप्लसिव डिसऑर्डर के शिकार होते हैं।

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