सैफ अली खान ने फिल्मो से कमाई कर दोबारा खरीदना पड़ा था पटौदी पैलेस, 800 करोड़ो है इस आलीशान महल की कीमत!

दोस्तों नवाबों के खानदान से ताल्लुक रखने वाले सैफ अली खान पूर्व क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी और जानी मानी अभिनेत्री शर्मिला टैगोर के बेटे है। उनके पिता मंसूर अली खान हरियाणा के पटौदी रियासत से ताल्लुक रखते थे। पटौदी में सैफ का पैलेस और काफी चर्चा में रहा है। हाल ही में अभिनेता सैफ अली खान ने खुलासा किया है की पिता के गुजर जाने के बाद पटौदी में अपने पैतृक महल को फिर से पैसे देककर ख़रीदा है।

उन्होंने इंटरव्यू में कहा, ‘जब मेरे पिता का देहांत हो गया, तो मैंने इस महल को नीमराणा होटल्स को किराए पर दे दिया था. इससे पहले अमन (नाथ) और फ्रांसिस (वाक्झिरग) इसे चलाते थे। फ्रांसिस के निधन के बाद उन्होंने कहा कि मैं अगर महल वापस लेना चाहता हूं तो ले सकता हूं। उसके बाद मैंने इसके लिए हां कह दिया, लेकिन उन्होंने बताया कि इसके लिए बहुत पैसे देने होंगे।’

बता दे की सैफ ने इस इंटरव्यू में बताया कि उन्होंने फिल्मों से पैसे कमाकर यह पैलेस अपने अधिकार में ले लिया, जो उन्हें विरासत में मिला था।सैफ अली खान ने कहा, “मुझे लगता है कि जो घर मुझे विरासत में मिलना चाहिए था उसे मुझे फिल्मों से कमाए पैसे के माध्यम से वापस मिला। आप अतीत से दूर नहीं रह सकते। कम से कम हम अपने परिवार में नहीं रह सकते, क्योंकि बिना इसके कुछ भी नहीं है। इतिहास, संस्कृति, तस्वीरें बहुत सुंदर है।”

बता दे की पटौदी महल शानदार कारीगरी का नमूना है और इसके 1935 में बनवाया गया था। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि इस पैलेस की कीमत करीब 800 करोड़ रुपये है, जिसमें 150 से ज्यादा कमरे हैं। और 100 से अधिक लोग यहां काम करते हैं। इफ्तिखार के बेटे और सैफ के पिता मंसूर अली खान पटौदी को एक अंतरराष्ट्रीय वास्तुकार द्वारा पुनर्निर्मित महल मिला था। महल में कई बड़े मैदान, अस्तबल और गैरेज हैं। और भी बहुत कुछ देखने लायक चीजे है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
--------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- --------------------------------------------------------------------------------------------------
-------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper