सोती रही वसुंधरा सरकार, सरिस्का पार्क की करोड़ों की जमीन पर बाबाओं का कब्जा

अलवर: अलवर का सरिस्का नेशनल पार्क, जो कि बाघों के लिए जाना जाता है, लेकिन बाघों का यह कुदरती घर अब साधुओं के कब्जे में हैं। पुलिस और प्रशासन को भी यहां आने की इजाज़त नहीं है। बाबा जंगल में मंगल कर रहे हैं और वसुंधरा सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। सरिस्का नेशनल पार्क को देश ही नहीं, बल्कि विदेशों के भी पर्यटक भी बाघों के प्राकृतिक घर को देखने के लिए आते हैं, लेकिन बाघों का यह घर उनसे छीना जा रहा है। बाघों के घर को छीनने वाले धर्म के वह ठेकेदार हैं, जो खुद को साधु-संत बताते हैं।

इन बाबाओं की तादाद एक दो नहीं, बल्कि 100 के करीब है, जो यहां अवैध कब्जा कर बैठे हैं। जंगल की करीब 300 बीघा जमीन इस वक्त बाबाओं के कब्जे में है। जंगल की जमीन पर किसी बाबा ने अपना आश्रम बना लिया है, किसी ने रहने के लिए दो मंजिला मकान बना लिया, कोई गांजे-अफीम की खेती कर रहा है, तो कोई विदेश कुत्तों को बेचता है। इन घरों में बाबा नहीं रहते, उनके चेले रहते हैं। यहां बाबओं के ऐसे आश्रम और मंदिर हैं, जहां न तो पूजा होती है और न ही कोई भक्त आता है।

यहां अगर किसी को जाने की इजाज़त है तो वह हैं बाबाओं के चेले। बाबाओं ने सरिस्का में केवल अतिक्रमण ही नहीं किया, बल्कि पुलिस और प्रशासन की एंट्री भी बंद करा दी है। बलबीर नाम के बाबा ने जंगल के कोर एरिया को अपने कब्जे में ले रखा है। उसने यहां बड़ा सा घर बना लिया है, चारों ओर बाउंड्री और गेट लगा है, जिससे कोई अंदर जाने की हिम्मत न कर सके। बाबा ने यहां एक बोर्ड भी लगा रखा है, जिस पर चेतवानी लिखी हुई है कि अगर उसकी इजाज़त के बगैर कोई अंदर आया तो उसके साथ बुरा बर्ताव होगा। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन बाबाओं के पास बंदूक तक रहती है।

बता दें कि सरकार सरिस्का को टाइगर रिजर्व घोषित कर चुकी है और जंगलों के आस-पास रहने वाले लोगों को गांवों को बेदखल कर रही है। अब तक चार गांवों के लोगों को सरिस्का के कोर एरिया से बाहर निकाला जा चुका है, लेकिन यहां 100 से ज्यादा बाबा-गुरुओं ने जंगल में मंदिर-मजार के नाम पर पक्के निर्माण कर लिए हैं। सरकार की उदासीनता ने बाबाओं की हिम्मत इतनी बढ़ा दी है कि वह खुलकर जमीन की कीमत भी बता रहे हैं। धौला नाम के एक बाबा ने तो अपनी कब्जा की हुई जमीन का रेट भी तय कर रखा है। उसे यह कहने में जरा भी डर नहीं लगा कि उसके पास 12 बीघा जमीन है, जिसकी कीमत 12 करोड़ होगी।

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