सोनिया गांधी ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- प्रवासी श्रमिकों के लिए सरकार खोले खजाना

नई दिल्ली। कोरोना वायरस और लॉकडाउन के मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस ने नई रणनीति के तौर पर गुरुवार से ‘स्पीक अप इंडिया कैम्पेन’ की शुरुआत की है। इस क्रम में पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं और उनके घर वापसी को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की मदद के लिए सरकार अपने खजाने को खोले और हर परिवार को अगले छह महीने तक 7500 रुपये की आर्थिक राहत पहुंचाए।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, ‘पिछले दो महीने कोविड‑19 महामारी के कारण पूरा देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। आजादी के संघर्ष के बाद पहली बार ऐसा दृश्य सामने है जब लाखों की संख्या में मजदूर भूखे-प्यासे हजारों किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं, वो भी किस लिए सिर्फ अपने घर लौटने के लिए। उन्होंने कहा कि सरकार के गलत फैसले का ही नतीजा है कि करोड़ों रोजगार चले गए, लाखों उद्योग‑धंधे बंद हो गए, किसान परेशान हैं। लोगों की ये दिक्कतें शायद सरकार को नहीं दिख रही हैं तभी तो उसकी तरह से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा।

केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए सोनिया ने कहा कि पहले भी तमाम अर्थशास्त्रियों ने लोगों को आर्थिक मदद पहुंचाए जाने की सलाह दी थी लेकिन सरकार सुनने को तैयार नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने भारतवासियों की आवाज को बुलंद करने का सामाजिक अभियान चलाना है। ‘स्पीक अप इंडिया’ नामक इस अभियान के जरिए प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस की सरकार से अपील है कि वो खजाने का ताला खोले और जरूरतमंदों की आर्थिक मदद करे। उन्होंने मांग की है कि हर परिवार को अगले छह महीने तक 7500 रुपये का नकद भुगतान किया जाए। साथ ही 10 हजार रुपये तो तत्काल दिए जाने चाहिए। इसके अलावा श्रमिकों के नि:शुल्क यात्रा और मनरेगा के जरिए रोजगार की भी व्यवस्था होनी चाहिए।

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