सोमनाथ मंदिर में राहुल के हस्ताक्षर का विवाद

अहमदाबाद: सोमनाथ मंदिर में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के गैर-हिंदू रजिस्टर में नाम दर्ज किए जाने के पीछे कांग्रेस को उसी के किसी अंदरूनी शख्स का हाथ होने की आशंका है। पार्टी के नेता एक ऐसे व्यक्ति को इस विवाद की वजह मान रहे हैं, जो बीजेपी में जाने के लिए बातचीत कर रहा है और बीजेपी नेताओं की आंखों का तारा बनना चाहता है।

सूत्रों के अनुसार इस विवाद का ठीकरा मीडिया कोऑर्डिनेटर मनोज त्यागी पर फोड़ना सही नहीं है। कहा जा रहा है कि गैर-हिंदू रजिस्टर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के साथ राहुल का नाम त्यागी ने ही लिखा था। सूत्रों ने बताया कि इसकी पूरी संभावना है कि पार्टी के भीतर से ही किसी ने यह शरारत की है। कांग्रेस के एक शीर्ष नेता ने कहा, हमें पता है कि यह शरारत क्यों की गई है और इसके पीछे कौन है।

कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यह किया गया है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी के शीर्ष नेताओं ने इस घर के भेदी की पहचान कर ली है। इस शख्स की बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ एक दौर की बातचीत हो चुकी है। सूत्रों ने बताया कि उक्त नेता का कांग्रेस से निकाला जाना तय है।

गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अब तक करीब 20 मंदिरों में दर्शन कर चुके कांग्रेस उपाध्यक्ष बुधवार को सोमनाथ पहुंचे थे। उनके यहां पहुंचने के बाद उनका नाम मंदिर के गैर-हिंदू एंट्री रजिस्टर में लिखे जाने को लेकर विवाद पैदा हो गया था। बताया गया कि त्यागी ने राहुल और अहमद पटेल का नाम गैर-हिंदू रजिस्टर में दर्ज किया था। इस विवाद के बाद कांग्रेस ने सफाई देते हुए राहुल को जनेऊधारी हिंदू बताया था।

कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि बीजेपी राहुल के खिलाफ साजिश रच रही है। कांग्रेस ने राहुल को शिव भक्त बताया था। सोमनाथ मंदिर के ट्रस्टी पीके लाहिड़ी ने कहा था, मंदिर के रजिस्टर में वही शख्स एंट्री करता है, जो यहां आता है। ऐसे में हम कहां से इस मामले पर बोल सकते हैं। यह राहुल गांधी से पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने रजिस्टर में एंट्री क्यों दर्ज की।

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