स्वस्थ होने की दर 48.25 फीसदी, मृत्यु दर 2.81 प्रतिशत

नई दिल्ली: देश में सोमवार की देर रात कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमितों की संख्या 2.65 लाख को पार कर गयी तथा अब भारत विश्व में सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची में चौथे स्थान पर मौजूद ब्रिटेन की ओर तेजी से बढ़ रहा है लेकिन राहत की बात यह है कि संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर 48.25 फीसदी रही जबकि मृत्यु दर केवल 2.81 प्रतिशत रही।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार रविवार को कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने की दर 48 फीसदी से अधिक रही जबकि मृत्यु दर केवल 2.79 प्रतिशत रही थी। ‘कोविड19इंडियाडॉटओआरजी’ के आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना वायरस के 265740 मामलों की सोमवार की रात तक पुष्टि हो चुकी है। आज सुबह यह संख्या 256611 थी। अब तक कुल 128894 मरीज स्वस्थ हुये हैं जबकि 7473 लोगों की मौत हो चुकी है। अन्य 129358 मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है।

भारत ने शनिवार की रात संक्रमितों के मामले में स्पेन को पीछे छोड़ कर दुनिया भर में पांचवें स्थान पर पहुंच गया था और अब यह तेजी से चौथे स्थान पर मौजूद ब्रिटेन की ओर बढ रहा है। स्पेन में 241717 लोग संक्रमित हैं। हालांकि स्पेन में मृतकों की संख्या भारत की तुलना में तीन गुना से भी अधिक है। स्पेन में 27136 लाेगों की मौत हो चुकी है। विश्व में कोरोना संक्रमण से प्रभावित देशों की सूची में अमेरिका पहले स्थान पर है , जहां इस महामारी से अब तक 1946555 लोग संक्रमित हो चुके हैं तथा 110689 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद ब्राजील (6.91 लाख) , रूस (4.76 लाख), ब्रिटेन (2.88 लाख) और भारत (2.65 लाख) का स्थान है। स्पेन के बाद इटली का स्थान है जहां इस महामारी से 33964 लाेगों की मौत हुई है तथा 2.34 लाख लोग संक्रमित हैं।

देश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के करीब पौने 48 लाख टेस्ट हो चुके हैं और संक्रमित मरीजों की जो संख्या सामने आ रही है, वह मात्र 5.2 प्रतिशत ही है और विश्व के अन्य देशों में बड़े पैमाने पर लोगों की जांच की जा रही है वहां भी संक्रमितों का लगभग यही प्रतिशत निकल रहा है। देश के दस राज्यों के 38 जिलों के 45 नगर निगमों में कोरोना संक्रमण मामलों में बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है और इन जिलों में कोरेाना से निपटने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने संबद्ध अधिकारियों से सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक की। इन राज्यों में महाराष्ट्र, तेलंगाना, तमिलनाडु, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक, उत्तराखंड़ और मध्यप्रदेश हैं।

स्वास्थ्य सचिव प्रति सूदन, आफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी राजेश भूषण और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इन राज्यों के संबद्ध जिलों के जिलाधिकारियों, निगम आयुक्तों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, जिला अस्पताल अधीक्षकों और मेडिकल कालेजों के प्रिंसीपलों तथा नगर निगमों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान शहरी सघन क्षेत्रों में कोरेाना संक्रमण को रोकने के उपायों, घर घर जाकर सर्वेक्षण करने, त्वरित जांच और इसके बाद आइसोलेशन की प्रकिया तथा पुष्ट मामलों के चिकित्सकीय प्रबंधन और प्रभावित क्षेत्रों में कंटेनेमेंट रणनीति पर विचार विमर्श किया गया।

समीक्षा बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि जिन क्षेत्रों में कोरोना के मामले अधिक पाए जा रहे हैं वहां लोगों के अधिक परीक्षण किए जाएं और उनके संपर्क सूत्रों का पता लगाकर उपयुक्त कंटेनमेंट रणनीति अपनाई जाए । ऐसे क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन और बफर जोन को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर कोरोना नियंत्रण उपाय किए जाने पर भी जोर दिया गया है। बैठक में भी जोर दिया गया कि ‘सीवियर एक्यूट रेस्पिरेट्री इलनेस’और ‘इंफ्लएंजा लाइक इलनेस ’जैसे मामलों पर गंभीरता से विचार किया जाए और इस तरह के मामलों में अधिक से अधिक परीक्षण किए जाएं और जो लोग पाजिटिव पाएं जाते हैं उनका तत्काल उपचार किया जाए ताकि मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद(आईसीएमआर) देश में कोरेाना के कुल 4774434 नमूनों की जांच कर चुका है और पिछले 24 घंटों में 108048 नमूनों की जांच की गई है। इस कार्य में सरकारी क्षेत्र की 540 और निजी क्षेत्र की 231 प्रयोगशालाएं नमनों की जांच कर रही हैं।

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