स्वास्थ्य रहने के लिए त्रिफला चूर्ण का करें सेवन, इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ दे ये फायदे

सेहत से ज्यादा अन्य चीजों पर ध्यान देने की वजह से बीमारियों की चपेट में आने की आशंका बढ़ जाती है। इसी वजह से कहा जाता है कि अगर समय रहते सेहत पर ध्यान दिया जाए, तो बीमारियों से बचा जा सकता है। वहीं, इससे बचने के लिए कई तरह की आयुर्वेदिक औषधि काम आ सकती है, जिसमें से एक त्रिफला चूर्ण भी है। सालों से ही स्वास्थ्य समस्याओं से बचने के लिए त्रिफला चूर्ण के सेवन को फायदेमंद माना गया है।

कमजोरी दूर करें

शारीरिक दुर्बल व्यक्ति के लिए त्रिफला का सेवन रामबाण साबित होता है। इसके सेवन करने वाली व्यक्ति की याददाश्त भी अन्य लोगों के मुकाबले तेज होती है। इसका सेवन करने से दुर्बलता कम होती है। दुर्बलता को कम करने के लिए त्रिफला को हरड़, बहेड़ा, आंवला, घी और शक्कर को मिलाकर खाना चाहिए।

इम्यूनिटी मजबूत होती है

त्रिफला चूर्ण के फायदे इसमें मौजूद तीन सामग्री के कारण है। यह सामग्री है- आंवला, बहेड़ा और हरड़। इन तीनों का मिश्रण इम्यूनिटी मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसमें आंवला के फायदे कई सारे हैं क्योंकि यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है जिस कारण यह फ्री रेडिकल से लड़ने में मदद करता है। साथ ही एंटीऑक्सीडेंट इम्यूनिटी को मजबूत बनाकर फ्री रेडिकल से बचाव करते हैं। वहीं दूसरी तरफ हरितकी को सफेद ब्लड सेल प्रोड्यूज करने के लिए जाना जाता है जो बाहर से होनी वाली बीमारी से बचाव करता है। विभिताकी, शरीर में से बैक्टीरिया निकालने का काम करता है।

मूत्र पथ के संक्रमण रोकता है

कई बैक्टीरिया ऐसे होते हैं जिन पर दवाई का असर भी नहीं होता है और आखिर में इंसान को बीमार कर देते हैं। मूत्र पथ के इंफेक्शन ऐसे बैक्टीरिया के कारण ही होते हैं जिससे ब्लैडर में सूजन हो जाती है। इस स्थिति में त्रिफला चूर्ण के फायदे आपकी मदद कर सकते हैं। इसका सेवन करने से ऐसे बैक्टीरिया का जन्म नहीं हो पाता है और यह बैक्टीरिया मर जाते हैं।

गैस, कब्ज और पेट संबंधित परेशानियों से राहत

वैज्ञानिक शोध के अनुसार त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से गैस, कब्ज और पेट संबंधित परेशानियों से राहत मिलती है। अगर आप लोगों को कब्ज की समस्या है तो रात में सोने से पहले गर्म पानी में एक से दो चम्मच त्रिफला चूर्ण को मिला लीजिए और उसको पी लीजिए। त्रिफला चूर्ण के अंदर मौजूद टैनिक और गैलिक एसिड कब्ज को ठीक करने में मदद करते हैं।

वजन घटाने और मोटापा कम करने में सहायक

अगर आप बढ़ते वजन और मोटापे से परेशान हैं और इससे जल्दी निजात पाना चाहते हैं तो त्रिफला आपके लिए एक कारगर औषधि हो सकती है। आयुर्वेद के अनुसार त्रिफला में ऐसे गुण हैं जो पाचन शक्ति बढ़ाने और वजन घटाने में सहायक है। इसलिए नियमित रूप से त्रिफला चूर्ण का सेवन करें।

वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण के लिए त्रिफला के फायदे

वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा कम करने के लिए त्रिफला चूर्ण का उपयोग किया जा सकता है। सालों से आयुर्वेद में त्रिफला को वायरल और बैक्टीरियल संक्रमणों से शरीर को बचाने के लिए इस्तेमाल में लाया जाता रहा है। दरअसल, त्रिफला चूर्ण में एंटीबैक्टीरियल, एंटी-वायरल और एंटीपायरेटिक गुण होते हैं। एंटी-बैक्टीरियल गुण एक ओर जीवाणुओं से शरीर को बचाने में मदद करता है, तो दूसरी ओर एंटीपायरेटिक गुण बुखार से शरीर को बचाने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही त्रिफला में इम्यूनिटी मॉडयूलेटरी गुण भी होते हैं, जो शरीर की जरूरत के हिसाब से प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकता है।

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