हमले का भरपूर जवाब नहीं दे सकी थी पुलिस, सिर्फ 55 राउंड किए थे फायर

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर के बिकरू गांव में 3 जुलाई की रात हुई वारदात में पुलिस टीम हमलावरों का गोलियों से भरपूर जवाब नहीं दे सकी थी। मौके से बुलेट के 55 खोखे मिले थे। कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने बताया कि कई पुलिसकर्मियों के घटनास्थल से भागने की जांच जारी है। फायरिंग होने पर मौके पर मौजूद व्यक्ति ही कोई फैसला लेता है।

इस कांड के बाद पुलिस का मनोबल ऊंचा रखना बड़ी चुनौती है। जेल भेजे गए दरोगा केके शर्मा के खिलाफ ठोस सबूत हैं, जबकि चौबेपुर थाने के एसओ विनय तिवारी के खिलाफ भी परिस्थितिजन्य सबूत मिले हैं। बिकरू गांव में दबिश देने 6 गाड़ियों में करीब 25-30 पुलिसवाले गए थे। घात लगाकर किए गए हमले में 8 पुलिसवाले शहीद हो गए थे, जबकि 6 बुरी तरह जख्मी हुए। वारदात के बाद 4 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर चौबेपुर थाने के पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया गया था।

विकास के लेने के लिए एमपी गई यूपी एसटीएफ टीम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महाकाल मंदिर में विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ऐक्टिव हो गई थी। एमपी पुलिस ने उन्हें उज्जैन के एक पुलिस स्टेशन में विकास को लेने के लिए बुलाया था। इस फोन कॉल के बाद विकास दुबे को लेने एसटीएफ अधिकारी उज्जैन के थाने पर पहुंचे।

थाने में पहुंचने पर बोली एमपी पुलिस- वो दूसरे थाने में है
एसटीएफ अधिकारी ने बताया कि जब यूपी की टीम एमपी पुलिस के बुलावे पर थाने में पहुंची तो वहां तैनात लोगों ने कहा कि विकास को एक दूसरे थाने में रखा गया है, लेकिन उसे यहां ले आया जा रहा है। थाने के लोगों ने एसटीएफ टीम को इंतजार करने के लिए कहा। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने देखा कि थाने का एक सिपाही मोटरसाइकल के जरिए विकास दुबे को दूसरे थाने से लेने के लिए निकला।

दूसरे थाने से बाइक पर लेकर आया पुलिसकर्मी
STF अधिकारी ने दावा किया कि विकास को एमपी पुलिस का अधिकारी दूसरे थाने से बाइक पर लेकर हमारी मौजूदगी वाले थाने पर आया। यहां पहुंचने पर विकास ने बाइक से उतरकर भागने की कोशिश की। लेकिन इसी बीच थाने पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे दौड़ाकर पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों के पकड़ते ही विकास ने उन जवानों को भद्दी गालियां दीं।

ना बाइक से लाया गया, ना भागने की कोशिश हुई: MP पुलिस
एसटीएफ अधिकारियों के इस दावे को एमपी पुलिस के अफसरों ने गलत बताया। एमपी के पुलिस अफसरों ने कहा कि ना विकास दुबे को एमपी में बाइक से किसी थाने से लाया या ले जाया गया और ना ही उसने यहां भागने का प्रयास किया।
भागने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
हालांकि, पूरे मामले में घटनास्थल से भागे पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई के बारे में तमाम सवाल उठ रहे हैं। एसएसपी ने कहा कि इस मामले में जांच जारी है। फायरिंग जैसे हालात में मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी ही तय करता है कि उसे क्या ऐक्शन लेना है।

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