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हमारे कुछ इलाकों पर ‘कर्नाटक का कब्जा’, महाराष्ट्र में करेंगे शामिल: उद्धव ठाकरे

नई दिल्ली: महाराष्ट्र सरकार और कर्नाटक सरकार के बीच अपने क्षेत्र की जमीनों को लेकर एक बार फिर सियासी लड़ाई देखने को मिल रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि हाल ही में के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कर्नाटक के कुछ इलाकों पर दावा ठोका है। रविवार को सीएम ठाकरे ने कहा कि उनकी सरकार कर्नाटक राज्य में उन क्षेत्रों को महाराष्ट्र में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है जहां मराठी भाषी लोग बहुमत में हैं।

मुख्यमंत्री ऑफिस की ओर से इस संबंध में ट्वीट कर कहा गया कि इस उद्देश्य के लिए 1956 में अपना बलिदान देने वालों के लिए यह ‘सच्ची श्रद्धांजलि’ होगी। बता दें कि राज्य भाषायी आधार पर महाराष्ट्र बेलगाम अन्य अन्य सीमावर्ती इलाकों पर दावा जताता है जो पूर्ववर्ती बॉम्बे प्रेसिडेंसी का हिस्सा थे लेकिन अब कर्नाटक राज्य में आते हैं। इसी संबंध में इन क्षेत्रों को महाराष्ट्र में शामिल करने के लिए संघर्ष कर रहे क्षेत्रीय संगठन महाराष्ट्र एकीकरण समिति ने रविवार, 17 जनवरी को उन लोगों की याद में ‘शहीद दिवस’ मनाया, जिन्होंने इस अभियान के लिए लड़ते हुए 1956 में अपनी जान गंवा दी थी। शिवसेना ने BJP पर कसा तंज, पूछा- क्या बर्ड फ्लू के पीछे भी पाकिस्तान, खालिस्तानी या नक्सली का हाथ है?

रविवार को महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से किए गए ट्वीट में कहा गया, ‘महाराष्ट्र में कर्नाटक के कब्जे वाले मराठी-भाषी और सांस्कृतिक क्षेत्रों को लाना उन लोगों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी जिन्होंने सीमा युद्ध में अपनी शहादत दी। हम एकजुट हैं और इसके प्रति प्रतिबद्ध हैं। शहीदों के प्रति सम्मान जताते हुए यह वादा करते हैं।’ बता दें कि महाराष्ट्र वर्तमान में कर्नाटक में शामिल कुछ क्षेत्रों पर अपना हक मानता है, जिनमें बेलगाम, कारवार और निप्पनी शामिल हैं। महाराष्ट्र का कहना है कि वहां अधिकांश आबादी मराठी भाषी है। दोनों राज्यों के बीच बेलगाम और अन्य सीमा क्षेत्रों में विवाद कई वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।

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