हमीरपुर में सात गांव के लोग केन नदी से बुझा रहे हैं प्यास

हमीरपुर: उत्तर प्रदेश में हमीरपुर जिले के बीहड़ इलाकों में बसे 06 से अधिक गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीणों को नदी और नालों के पानी से प्यास बुझानी पड़ रही है। इन दिनों ग्रामीण बैलगाड़ी में ड्रम लादकर केन नदी से पानी भरने को मजबूर हैं। यहां पेयजल संकट दूर करने के लिए करोड़ों की लागत की योजनाएं ठप हो गई हैं।

मौदहा तहसील क्षेत्र के सात गांवों में गर्मी शुरू होते ही पानी के लिए जद्दोजहद मचने लगी है। करीब 40 साल पहले छानी बक्छा, गुसियारी, रतवा, फत्तेपुर, इचौली, नायकपुरवा, कपसा आदि गांवों के बाशिंदों की प्यास बुझाने के लिये विश्व बैंक की मदद से केन नदी के भूरागढ़ के पास करोड़ों की लागत से एक ग्राम समूह पेयजल शुरू की गई थी लेकिन, गांवों को पानी की समस्या से निजात नहीं मिल सका। इसके बाद एक दशक पूर्व एक करोड़ से अधिक लागत की कपसा, गुसियारी में सिजवाही ग्राम समूह पेयजल योजना शुरू करायी गयी। शुरू में तीन नलकूप बनाए गए और ओवर हेड टैंक बनाकर कपसा गांव तक जलापूर्ति की गयी, लेकिन गुसियारी तक इस पेयजल योजना से पानी नहीं पहुंचा। कुछ ही समय बाद पेयजल योजना के दोनों नलकूप भी बंद हो गये। पानी का संकट गहराने के बाद फिर दो नए नलकूप बनाये गए।

जल निगम ने भूमिगत जलाशय बनाकर टंकी भरने और कपसा गांव में जलापूर्ति करने के दावे किये थे, लेकिन कपसा गांव के निकट पेट्रोल पंप तक एक मकान तक ही पानी पहुंचाया जा सका। जल निगम ने फिर रणनीति बदली और अब करोड़ों की लागत से एक नयी पेयजल योजना बनायी। इचौली गांव के लिये दो नलकूप लगाए गए, लेकिन नाले के किनारे तक ही पानी पहुंच पा रहा है।

जल निगम के अवर अभियंता रामरतन ने बताया कि पेयजल की समस्या से जूझ रहे गांवों को जलापूर्ति कराने के लिए एक महत्वाकांक्षी पेयजल योजना तैयार की गयी है, जिसमें यमुना नदी से पत्यौरा गांव के पास लिफ्ट से पानी देने का प्रावधान रखा गया है। उधर, बक्छा गांव में पानी के लिए हालात दिन प्रतिदिन खराब होते जा रहे हैं। पूरे गांव के लोग सुबह से देर शाम तक के नदी का पानी बैलगाड़ी में ड्रमों में भरकर ला रहे हैं। घर के सभी लोगों का पानी के लिए नदी में मेला लगता है। दो हफ्ते पहले भैसमरी गांव में बक्छा पेयजल योजना शुरू की गयी थी, जोकि फेल हो गई है।

रामरतन ने बताया कि बक्छा गांव के लिए बनाई गयी भैसमरी में पेयजल योजना फेल हो गयी है। बक्छा में चार नलकूप अब लगाये जायेंगे। इसके लिये सर्वे कराया जा रहा है। इससे पहले भी इसी गांव में नलकूपों की बोरिंग करायी गयी थी, लेकिन पानी नहीं निकला।

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