हम शपथ लेते हैं, निर्भीक होकर करते रहेंगे मतदान

भारत सिंह


लखनऊ: आज राष्ट्रीय मतदाता दिवस है। हर साल अपने देश में इसे 25 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिवस सभी को अपने राष्ट्र के प्रति कर्तव्य की याद दिलाने के साथ ही यह भी संदेश देता है कि हर व्यक्ति के लिए मतदान करना अत्यावश्यक है। इस दिवस का आयोजन 2011 से प्रति वर्ष भारत सरकार इसलिए करा रही है ताकि राजनीतिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी हो सके। इस तिथि को इस दिवस के रूप में इसलिए लिया गया क्योंकि इसी तारीख को भारत निर्वाचन आयोग का गठन 1950 में किया गया था।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के पीछे निर्वाचन आयोग का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा मतदाता बनाना है। नये मतदाता बनाने पर विशेष फोकस किया जाता है। यह दिवस मतदाताओं में मतदान प्रक्रिया में भागीदारी के बारे में जानकारी फैलाने के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। याद करें, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने वर्ष 2012 में दिल्ली के विज्ञान भवन में दूसरे राष्ट्रीय मतदाता समारोह की अध्यक्षता की थी। तब दिल्ली के नए एवं पंजीकृत २‚ मतदाताओं को सचित्र मतदाता पहचान पत्र प्रदान किये गये थे। ये मतदाता समाज के अनेक वर्गों से लिए गए थे। उन सबको एक-एक बैज भी दिया गया था। उस पर अंकित था मतदाता होने का गर्व-मतदान के लिए तैयार। इस समारोह में मौजूद रहे सभी लोगों ने राष्ट्रीय मतदाता दिवस की शपथ भी ली थी। डॉ. कलाम ने जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों को सर्वोत्तम निर्वाचन प्रक्रिया अपनाने के लिये राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित किया था।

चुनाव प्रक्रिया में बड़ा परिवर्तन 2004 में आया जब उस वर्ष से मतदान की इलेक्ट्रॉनिक मशीनों पर आधारित वर्तमान प्रणाली शुरू की गई। बहु-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्रों का स्थान एकल सदस्यीय निर्वाचन ने ले लिया है। छपी हुई मतदाता सूचियों का स्थान अब कम्प्यूट्रीकृत फोटो-मतदाता सूचियों ने ले लिया है। मतदाताओं का सचित्र पहचान पत्र अब सभी नागरिकों को प्राप्त हो गया है। इसी क्रम में आयोग ने फैसला किया कि देश के 8.5 लाख मतदान केन्द्रों में हर वर्ष 1 जनवरी को 18 वर्ष के होने वाले सभी मतदाताओं की पहचान की जाये। पंजीकरण के अलावा मतदाता सूची में शामिल किये गये इन मतदाताओं को शपथ दिलाई जाए कि हम भारत के नागरिक, लोकतंत्र में आस्था रखने वाले शपथ लेते हैं कि हम देश की स्वतंत्रत, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने की लोकतांत्रिक परम्परा को बरकरार रखेंगे। प्रत्येक चुनाव में धर्म, नस्ल, जाति, समुदाय, भाषा आधार पर प्रभावित हुए बिना निर्भीक होकर मतदान करेंगे।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के परिप्रेक्ष्य में निर्वाचन आयोग पूरे देश में शिक्षित मतदाताओं, विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं को आकृष्ट करने के लिए व्यापक और सुव्यवस्थित मतदाता शिॉक्षा और मतदान भागीदारी अभियान चलाता रहा है। प्रतिष्ठित हस्तियों के संदेश रिकॉर्ड किये गए हैं, जिनमें मतदाताओं को पंजीकरण कराने को कहा गया है। आयोग का संदेश उच्च और स्पष्ट है। यह तब तक अनवरत चलता रहेगा जब तक प्रत्येक योग्य मतदाता स्वेच्छा से मतदान करने न लग जाए।

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