हर्बल चाय स्वाद और सेहत से भरपूर जाने इसके गुण

लखनऊ: प्राकृतिक चीजों की ओर लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है। इस बदलते रुझान का असर हमारी जीवनशैली पर भी स्पष्ट नजर आने लगा है। यही वजह है कि सामान्य चाय की जगह हर्बल टी पीने वालों की संख्या बढ़ रही है। कोई वजन कम करने के लिए हर्बल चाय पी रहा होगा तो कोई अस्थमा जैसी अपनी सालों पुरानी बीमारी से छुटकारा पाने के लिए इस चाय की शरण में आया होगा। सेहत और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति सतर्क लोगों की जिंदगी में तेज और कड़क या फिर पत्ती तेज, चीनी कम वाली चाय की जगह हर्बल टी ने ले ली है।

आम चाय की तरह हर्बल चाय में कैफीन जरा-सा भी नहीं होता। यह दिखता भले ही चाय जैसा है और इसे चाय की तरह बनाया जाता है, पर चाय के जो अवगुण हैं, हर्बल चाय उसे अपने साथ नहीं लाती। हर्बल टी में एंटीऑक्सीडेंट या फ्लेवोनॉयड भरपूर मात्र में होते हैं, जो हृदय रोगों में लाभकारी होते हैं। फ्लेवोनॉयड खून को जमने से भी रोकते हैं और कैंसर की आशंका को कम करते हैं। इसके नियमित सेवन से मन शांत रहता है। सेहत अच्छी रहती है। पाचन तंत्र मजबूत रहता है। शरीर भीतर से साफ रहता है। भरपूर ऊर्जा बनी रहती है। तनाव दूर रहता है और सर्दी-जुकाम पास नहीं आता। नींद अच्छी आती है और चाय की तरह हर्बल चाय के सेवन से कैफीन की लत नहीं लगती।

हर्बल चाय बनाने के लिए हमेशा ताजे पानी का इस्तेमाल करें। कभी भी एल्यूमीनियम के बर्तन में हर्बल चाय न बनाएं। चाय का स्वाद प्रभावित हो सकता है। आप ग्लास, कास्ट आयरन या स्टेनलेस स्टील के बर्तन में हर्बल चाय बना सकते हैं। अलग-अलग तरह की हर्बल पत्तियों से अधिकतम लाभ हासिल करने के लिए गर्म पानी की मात्र, तापमान और समय सीमा का ध्यान रखना जरूरी है।

उदाहरण के लिए कैमोलाइल चाय बनाते समय तेज गर्म पानी को गैस से उतार कर कुछ सेकेंड के लिए रखें। फिर उसमें चाय डाल कर पांच मिनट के लिए ढक कर रख दें, इससे चाय में मौजूद असेंशियल ऑयल उसमें बने रहेंगे और रंग व फ्लेवर भी अच्छा आएगा। बाद में छान कर पी लें। यदि आप चमेली के पौधे यानी जास्मिन टी बना रहे हैं तो इसे दो मिनट से अधिक गर्म पानी में ढक कर न रखें। अधिक देर रखने से इसमें कड़वाहट आ जाती है। अपनी हर्बल चाय का स्वाद बेहतर बनाने के लिए इसमें आप अपनी जरूरत के मुताबिक शहद या नीबू का रस भी मिला सकते हैं।

#किसी भी हर्बल चाय का सेवन शुरू करने से पहले उसकी उचित मात्र आदि के बारे में भी जानकारी इकट्ठा कर लें। ऐसे ही कॉल्ट्सफूट नाम के हर्बल चाय को कफ आदि की परेशानी को दूर करने के लिए लेने की सलाह दी जाती है, पर गर्भवती महिलाओं द्वारा इसके सेवन से जन्म लेने वाले बच्चों को कई शारीरिक खामियां हो सकती हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया The Lucknow Tribune के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... --------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
E-Paper