हर्षद मेहता कांड में जब मनमोहन सिंह जिम्मेदार थे तो पीएनबी बैंक घोटाले में जेटली क्यों नहीं?

अखिलेश अखिल

क्या वित्तीय संस्थानों में हुए घपलों के लिए वित्त मंत्रालय जिम्मेदार नहीं है ? क्या बैंक वित्त मंत्रालय से जुड़ा नहीं है ? फिर वित्त मंत्रालय का काम क्या है ? इन सवालों को समझने की जरूरत है। और एक अंतिम जबाब यह है कि देश के तमाम वित्तीय संस्थाओं की प्रमुख नोडल एजेंसी वित्त मंत्रालय ही है। वित्त मंत्रालय के आदेश ,कानून ,नियम और अध्यादेशों पर ही देश के तमाम वित्तीय संस्थाए या बैंक काम करते हैं। ऐसे में सवाल है कि अगर पीएनबी बैंक लूट का शिकार हो गया तो फिर वित्त मंत्रालय कैसे बच सकता है ? बैंक भी तो वित्त मंत्रालय का एक अंग है। ऐसे में वित्त मंत्री अरुण जेटली को इस बड़े घोटाले की जिम्मेदारी लेने की जरूरत है और साथ ही उनसे भी पूछताछ करने की जरूरत है।

ऐसे ही हालत को देखकर पीएनबी घोटाले पर बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार पर सीधा हमला बोला है। यशवंत सिन्हा ने इस पूरे मामले पर वित्त मंत्री अरुण जेटली को कटघरें में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री एक ऐसा शख्स होता है जो हर दिन हर संस्था की समीक्षा करता है। मगर बैंक घोटाले में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिल रहा है। सिन्हा ने इस मामले में हर्षद मेहता स्कैम को याद करते हुए कहा कि उस वाट तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह को भी इस घोटाले का जिम्मेदार माना था। क्योंकि वित्त मंत्री रहते हुए वित्त विभाग की जिम्मेदारी उनकी ही थी। इसी तरह केतन पारेख स्कैम के दौरान उस वक्त के वित्त मंत्री रहे सिन्हा ने भी जांच का सामना किया था।

गौरतलब है कि इंडियन इकोनॉमी के लिए साल 1990 से 92 का समय बड़े बदलाव का वक्त था। देश ने उदारवादी इकोनॉमी की तरफ चलना शुरू कर दिया था। लेकिन इसी दौर में देश के सामने एक ऐसा घोटाला सामने आया, जिसने शेयर खरीद-बिक्री की प्रकिया में ऐतिहासिक परिवर्तन किए गए थे। साल 1990 के समय से शेयर मार्केट में लगातार तेजी का रुख था। इस तेजी के लिए शेयर ब्रोकर हर्षद मेहता जिम्मेदार माना जाने लगा। यहां तक की हर्षद मेहता को ‘बिग बुल’ का दर्जा दे दिया गया। उन्होंने कहा की जब उस वक़्त में जब मनमोहन सिंह जवाबदेह थे तो आज वित्त मंत्री अरुण जेटली जवाब क्यों नहीं दे रहे है।

ये किसी की लापरवाही के देन है। क्योकिं वो संवैधानिक जिम्मेदारी भी है। बता दें कि इससे पहले भी यशवंत सिन्हा कई मौके पर मोदी सरकार पर सवाल करते रहें है। चाहे वो नोटबंदी का विरोध करना हो या फिर जीएसटी में भारत की अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार की जमकर आलोचना करना यशवंत सिन्हा ने हर मोर्चे पर मोदी सरकार की गलत नीतियों का जमकर विरोध किया है।

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