हल चलाने वाला अब हाथ नहीं जोड़ेगा

नई दिल्ली/चूरू: भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को चूरू के सरदारशहर में महापंचायत को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि आने वाली बरसात में भी आंदोलन चलेगा। ये आंदोलन तब तक चलता रहेगा, जब तक ये तीनों कानून वापस नहीं होते। एमएसपी पर कानून नहीं बनता और हमारी कमेटी से केंद्र सरकार बातचीत नहीं करती। उन्होंने किसानों से कहा कि आंदोलन को आप जिंदा रखिए। राजीव गांधी खेल स्टेडियम में किसान महापंचायत में टिकैट ने नया नारा दिया कि हल चलाने वाला अब हाथ नहीं जोड़ेगा। उन्होंने किसानों से कहा कि किसी भी अधिकारी के सामने जाओ तो ये ही नारा लगाना। इस दौरान मंच पर कांग्रेस विधायक कृष्णा पूनिया भी मौजूद रहीं। आयोजकों ने दावा किया है कि महापंचायत में 30 हजार से ज्यादा किसान शामिल हुए। महापंचायत को लेकर सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। करीब 350 जवानों का तैनात किया गया।

टिकैत ने महापंचायत में दिल्ली चलने का आव्हान करते हुए कहा कि दिल्ली को चारों तरफ से घेरा जाएगा और इस बार 40 लाख टैक्टर आन्दोलन में हिस्सा लेंगे। उन्होने किसान आंदोलन को जमीन और रोटी बचाने का आंदोलन बताते हुए कहा कि इन कानूनों से किसान और उपभोक्ता बर्बाद होंगे। टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार लुटेरों की सरकार है।

लगभग तीन महीने से दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि उसने टिकरी बॉर्डर खाली करने के लिए पोस्टर लगाए हैं। इस पोस्टर में लिखा है, आपका मजमा, मजमा खिलाफ ए कानून करार दिया जाता है। आपको आगाह किया जाता है कि आप अपने मजमे को तितर-बितर कर लें वरना आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली पुलिस ने संयुक्त किसान मोर्चा के आरोपों पर दलील दी है कि हमने कोई नोटिस नहीं लगाया है, एहतियातन पहले से धरनास्थल पर बैनर लगे हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान नेता मंजीत राय ने कहा कि पुलिस ने पोस्टर लगाए हैं और लिखा है- उठ जाएं। हम तो बैठे नहीं थे यहां। सरकार ने हमारा रास्ता रोक रखा है, हम तो आगे जा रहे थे। जब तक हमारी मांगें नहीं माने जातीं हम यही बैठे रहेंगे। हम इसकी निंदा करते हैं। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा के पोस्टर लगाने के आरोपों को दिल्ली पुलिस ने खारिज करते हुए कहा कि हमने कोई नोटिस नहीं दिया है। आउटर डिस्ट्रिक्ट के एडिशनल डीसीपी सुधांशु धामा ने साफ किया कि ऐसा किसी भी तरह का कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है। एक-दो बैनर लगे हुए हैं, जो पहले से ही बॉर्डर के आसपास प्रिकॉशनरी (एहतियातन) लगाए गए हैं।

किसान आंदोलन के बीच मंगलवार को दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर किसानों ने शहीद भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह की याद में पगड़ी संभाल दिवस मनाया। मंच पर अजीत सिंह और स्वामी सहजानंद सरस्वती की तस्वीर रखी थी जिस पर किसान नेताओं ने पुष्प अर्जित किए। साथ ही प्रदर्शन में शामिल किसानों ने अपनी क्षेत्रीय पगड़ी पहनी थी। किसान नेता मंजीत राय ने कहा कि आज चाचा अजीत सिंह, जो शहीद भी थे, वो किसानों के लिए लड़े थे। आज उनकी जयंती मनाई जाएगी। मंजीत राय ने कहा कि अजीत सिंह को श्रद्धांजलि देंगे और साथ ही पुष्प अर्पित करेंगे। आज जितने लोग होंगे उनके जीवन पर ही बोलेंगे। उनके योगदान के बारे में आंदोलनरत किसानों को बताया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के मुताबिक, इस पगड़ी संभाल दिवस में शहीद भगत सिंह के परिवार के सदस्य भी उपस्थित थे।

दिल्ली में 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा का मोस्ट वांटेड आरोपी लक्खा सिधाना मंगलवार को पंजाब के मेहराज में आयोजित किसानों की रैली में पहुंचा। बठिंडा जिले का मेहराज मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का पैतृक गांव है। लक्खा सिधाना भी इसी इलाके का रहने वाला है। इससे पहले लक्खा ने दिल्ली पुलिस को सोशल मीडिया पर खुली चुनौती दी थी। लक्खा ने कहा था कि वह 23 फरवरी को बठिंडा के मेहराज में रोष रैली में शामिल होगा। दिल्ली पुलिस में दम है, तो उसे गिरफ्तार करके दिखाए। इधर, हिंसा मामले के अन्य आरोपी दीप सिद्धू को तीस हजारी कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। सिद्धू की सात दिन की पुलिस रिमांड मंगलवार को खत्म हो रही है।

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