हाथरस केस : सीबीआई जांच के बीच पीड़िता के पिता ने कहा, काम ठप है नौकरी मिले तो मिलेगी राहत

हाथरस: हाथरस में कथित गैंगरेप की सीबीआई जांच के बीच पीड़िता के पिता का एक बयान आया है। उनका कहना है सरकार ने जो नौकरी देने का वादा किया था अगर उसे पूरा कर दें तो कुछ राहत मिलेगी। पीड़िता के पिता का कहना है कि अब उन लोगों पर कोई काम नहीं है। बेरोजगार हैं। काम धंधा सब ठप पड़ा है। ऐसे में नौकरी की जरूरत है। उनके दोनों बेटे पढ़े लिखे हैं। वह नौकरी कर सकते हैं।

पिता ने सरकार की ओर से जो भी आर्थिक मदद पीड़िता के परिवार को मिली है, स्वीकार कर लिया है। शुक्रवार को तहसीलदार निधि भारद्वाज ने इस परिवार से सरकारी मदद मिलने के बारे में बात की। पीड़िता के पिता ने कहा कि उनसे एक कागज पर हस्ताक्षर भी कराए गए हैं। इस दुनिया से बेटी चली गई, अब वह सिर्फ न्याय चाहते हैं। सरकार ने जो भी आर्थिक मदद की उसके लिए उन्होंने आभार जताते हुए कहा कि अब उन्हें इंसाफ मिल जाए बस। घटना के कुछ दिन बाद पीड़िता के पिता से सीएम योगी आदित्य नाथ ने वीडियो कॉलिंग के जरिए बात भी थी। इसमें उन्होंने परिवार को 25 लाख की कुल आर्थिक मदद के एक शख्स को नौकरी व शहर में मकान का आश्वासन भी दिया था। सीएम की वार्ता से पहले जिला प्रशासन 10 लाख रुपये परिवार को दे चुका था। 15 लाख और खाते में पहुंचा दिए गए। पीड़िता के पिता ने ये धनराशि खाते में आने की जानकारी दी।।

बूलगढ़ी में पीड़ित परिवार अब अपनी जिंदगी को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहा है। बेटी के जाने के गम में पूरा परिवार डूबा है। बेटी के साथ हुए जुल्म के बाद उसे बचाने की कोशिश में पूरा परिवार लगा रहा। इस बीच फसल पर ध्यान नहीं दिया। फसल सूख गई। इस सूखी फसल को ही कटवाकर कुछ पैसों का इंतजाम करना चाहता है यह परिवार। खेत को खाली कर अगली फसल की तैयारी भी करनी है।

पीड़िता के परिवार को वर्ष 1997 में पांच बीघा जमीन खेती के लिए सरकार की ओर से आवंटित की गई थी। तभी से यह परिवार इस जमीन पर फसल उपजा रहा है। अपने पशुओं के लिए चारा का इंतजाम भी यहीं से करता है। इस बार दुख ऐसा आया कि फसल सूख गई। सिंचाई न होने से बाजार खराब हो गया। परेशान परिवार ने शुक्रवार से मजदूर लगाकर कटाई शुरू कराई है। इस सूखी फसल से जो मिल जाए उसी में इस परिवार को संतोष करना होगा।

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