हाथरस घटना को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन, पीड़िता के लिये न्याय और योगी के इस्तीफे की मांग की गई

नई दिल्ली: हाथरस में 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित गैंगरेप की घटना और इसके प्रति उत्तर प्रदेश सरकार के रवैये के खिलाफ राजधानी दिल्ली में शुक्रवार की शाम जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन हुआ। इसमें काफी संख्या में लेफ्ट, भीम आर्मी सेना समेत नागरिक समाज के कार्यकर्ता, छात्र, महिलाएं, नेता और अन्य लोग जुटे थे। मास्क पहने हुए और यूपी प्रशासन के खिलाफ नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने पीड़िता के लिये न्याय की मांग की और राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस्तीफा मांगा।

यह प्रदर्शन शुरुआत में इंडिया गेट पर होना था, लेकिन राजपथ क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण यह जंतर मंतर पर किया गया। प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी और वाम दलों सहित अन्य राजनीतिक दलों के कई नेता भी शामिल हुए। उनमें से ज्यादातर ने कहा कि यूपी पुलिस ने जिस तरीके से पीड़िता के शव का दाह-संस्कार किया, उसे लेकर उन्हें रोष है। गैंगरेप पीड़िता से अपने साथ गैंगरेप का आरोप लगाया था। हालांकि, मंगलवार की सुबह पीड़िता की यहां सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद रातोंरात हाथरस प्रशासन ने उसका दाह-संस्कार कर दिया।

परिवार के सदस्यों का आरोप है कि बुधवार को तड़के जबरन दाह-संस्कार किया गया। हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि दाह-संस्कार परिवार की सहमति से किया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा, ”उत्तर प्रदेश में जो कुछ हो रहा है, वह ‘गुंडाराज है। पुलिस ने गांव को घेर रखा है, वहां विपक्षी नेताओं और मीडियाकर्मियों को नहीं घुसने दिया जा रहा। उन्होंने (पुलिस-प्रशासन) ने पीड़िता के परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन ले लिये हैं।” बॉलीवुड अदाकारा स्वरा भास्कर, भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, आप विधायक सौरभ भारद्वाज, माकपा नेता बृंदा करात और सीताराम येचुरी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। स्वरा ने कहा कि विभिन्न तबके के लोग जंतर मंतर पर जुटे हैं, जो यह दिखाता है कि लोग कितने गुस्से में हैं।

उन्होंने कहा, ”वक्त आ गया है कि हम ”बलात्कार महामारी के खिलाफ लड़ाई शुरू करें…और आज हम यहां खड़े हैं तथा हमें जीतना है।” स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि हाथरस घटना ने ”कानून का शासन नाम की चीज को धराशायी कर दिया है। उन्होंने कहा, ”यह सिर्फ यह चीज नहीं है कि बलात्कार की एक घटना हुई है या उसकी मौत हो गई। बल्कि शुरू से ही राजनीतिक संरक्षण दिया गया…उत्तर प्रदेश प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा हुआ था कि यह खबर बाहर नहीं निकल पाये।

यादव ने आरोप लगाया कि परिवार को पीड़िता के शव का, गरिमापूर्ण तरीके से अंतिम संस्कार तक नहीं करने दिया गया, जबकि अपराधी भी इसके हकदार हैं। उन्होंने कहा, ”यूपी सरकार के पास अब और बने रहने के लिये कोई आधार नहीं है।” भीम आर्मी प्रमुख आजाद ने मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में प्रतिदिन के आधार पर किये जाने की मांग की। उन्होंने कहा, ”दोषियों को यथाशीघ्र दंडित किया जाना चाहिए ताकि अन्य लोग ऐसा जघन्य अपराध करने से पहले डरें। हम हाथरस जाएंगे और जब तक यह विषय दिल्ली नहीं आ जाता, तब तक न्याय मिलने की गुंजाइश नहीं है।” उन्होंने परिवार की इच्छा के विरूद्ध पीड़िता के शव का दाह संस्कार किये जाने के तरीके की भी निंदा की। सामूहिक बलात्कार के करीब पखवाड़े भर बाद 19 वर्षीय पीड़िता की मंगलवार की सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी। बुधवार तड़के उत्तर प्रदेश के हाथरस में उसका दाह-संस्कार कर दिया गया। पीड़िता के परिवार के सदस्यों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने रातोंरात जबरन दाह-संस्कार करने के लिये उन्हें मजबूर किया।

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