हे वीर भक्त ! मोदी सरकार के रिपोर्ट कार्ड में आप कही नहीं है

लखनऊ ट्रिब्यून दिल्ली ब्यूरो: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भाषण में मोदी सरकार के कामकाज का पूरा लेखा जोखा दर्ज है। चार साल की पूरी कहानी। क्या दिया का पूरा विवरण। वादों पर खड़ा पूरा काम।लेकिन इस रिपोर्ट कार्ड में भक्तो को भले ही सबकुछ हरा -हरा दिखता हो लेकिन बेकारी का मातम तो उनके घर में ही है। जय श्रीराम और भगवा को सलाम करके पेट की आग भला कौन बुझाये। इसलिए इस कार्ड में सबकुछ है केवल काम नहीं है। काम नहीं तो दाम नहीं। इसलिए कुछ भी नहीं।

राष्ट्रपति कोविंद ने अपने भाषण में उन तमाम योजनाओं और उपलब्धियों को जिक्र किया है जिनके बारे में सरकार की ओर से हमेशा बताया जा रहा है। इसके साथ ही राष्ट्रपति के अभिभाषण में लोकसभा चुनाव के एजेंडे की भी झलक मिली है। माना जा रहा है कि मोदी सरकार ट्रिपल तलाक बिल के मुद्दे को चुनाव में जोर-शोर से भुनाएगी।

बताया गया कि सरकार ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना शुरू की थी। इस योजना के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए अब इसका दायरा 161 जिलों से बढ़ाकर 640 जिलों तक कर दिया गया है। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि सरकार ने मातृत्व लाभ अधिनियम में बदलाव करके एक बड़ा कदम उठाया है। यह भी जानकारी मिली कि ‘जनधन योजना’ के तहत अब तक लगभग 31 करोड़ गरीबों के बैंक खाते खोले जा चुके हैं।

देश को यह भी मौम हुआ कि ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत अब तक लगभग 10 करोड़ ऋण स्वीकृत किए गए हैं और 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज दिया गया है. लगभग 3 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्होंने पहली बार इस योजना का लाभ उठाया है और स्वरोजगार शुरू करने में सफल हुए हैं। सरकार किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है. किसानों को उनकी पैदावार की उचित कीमत मिल सके, इसके लिए देश की कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ने का कार्य जारी है, इसकी भी जानकारी मिली।

लोग यह भी जान सके कि सरकार ने गरीबों को एक रुपए प्रति महीना और 90 पैसे प्रतिदिन के प्रीमियम पर, बीमा योजनाएं सुलभ कराई हैं। अब तक 18 करोड़ से ज्यादा गरीब ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’ से जुड़ चुके हैं। समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाने की सोच के साथ, ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना’का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। 2014 में केवल 56 % गांव ही सड़क संपर्क से जुड़े थे। अब 82% से ज्यादा गांव सड़कों से जुड़ चुके हैं जिनमें से अधिकांश दूर-दराज इलाकों में हैं। यह भी जानकारी दी गयी कि समाज के प्रत्येग वर्ग की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील सरकार ने‘राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग’ को संवैधानिक दर्जा देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया है हमारे देश में ढाई करोड़ से अधिक दिव्यांगजन हैं।

महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, आजादी के बाद पहली बार पुरुष रिश्तेदारों के बिना, 45 साल से ज्यादा आयु की महिलाओं के हज पर जाने की पाबंदी हटा दी गई है। इस साल 1,300 से ज्यादा महिलायें बिना मेहरम के हज पर जा रही हैं। राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि सभी के सिर पर छत हो, और उसे पानी-बिजली-शौचालय की सुविधा मिले, इस संवेदनशील सोच के साथ सरकार देश के हर आवासहीन गरीब परिवार को वर्ष 2022 तक घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम कर रही है पिछले साढ़े तीन वर्षों में शहरी और ग्रामीण इलाकों में 93 लाख से अधिक घरों का निर्माण किया गया है। इसके अलावे बहुत सारी शिक्षा और स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गयी। रेलवे के विकास से लेकर सड़क निर्माण की जानकारी सामने आयी। हवाई अड्डों से लेकर जल मार्ग की जानकारी मिली।

राष्ट्रपति कोविन्द ने कहा, सरकार द्वारा उत्तर-पूर्व में संपर्क मार्ग बढ़ाने पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है। पिछले वर्ष देश के सबसे लंबे नदी पुल, ढोला-सादिया, को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया है। चाबहार पोर्ट का प्रारम्भ होना एक ऐतिहासिक घटना है। इस पोर्ट के माध्यम से अफगानिस्तान को गेहूँ की पहली खेप भेजी गयी है। इस वर्ष भारत-अफगानिस्तान के बीच हवाई-गलियारे की शुरुआत भी हुई है, जिसमें माल-ढुलाई का कार्य आरम्भ हो गया है।

मोदी सरकार के चार साल के रिपोर्ट कार्ड से भक्त जन बेहद आह्लादित हैं। बजरंगी बने हुए हैं। हुंकार भर रहे हैं। लेकिन इस रिपोर्ट कार्ड में ना तो बेरोजगारी की कही चर्चा है ना ही समाज में फैले जातीय और धार्मिक उन्माद की। पिछले चार साल में देश के किस इलाके में कितने जातीय और धार्मिक उन्माद हुए और कितने की मौत हो गयी उसकी चर्चा भी रिपोर्ट कार्ड में होनी चाहिए। जो नहीं दर्ज है। भगत लोग भगवा सरकार की कामना में मस्त हो सकते हैं लेकिन इन्ही चार सालों में एक फीसदी लोगों के पास 73 फीसदी आवादी की संपत्ति कैसे चली गयी इस पर उनका कोई प्रति प्रश्न नहीं है। अब फिर से चुनाव की दुदुम्भी बजने लगी है। भक्त सवाल ना करें इसलिए उन्हें धार्मिक कार्ड पकड़ा दिया गया है। कासगंज जल रहा है। अब राममंदिर की बारी है। भूखे रहिये और भक्ति कीजिये।

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