10 फरवरी को 23 साल के होने वाले थे गुरुग्राम के शहीद कैप्टन कुंडू

नई दिल्ली: दिल्ली से सटे गुरुग्राम के रहने वाले एक कैप्टन कपिल कुंडू समेत चार जवान जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से हो रही गोलीबारी में शहीद हो गए। राजोरी जिले के भिंबर गली सेक्टर में पाकिस्तानी गोलीबारी का शिकार हुए। 3 जवानों सहित 5 लोग घायल भी हुए हैं। 3 जवानों में से एक कैप्टन कपिल कुंडू हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले थे। कैप्टन कुंडू 10 फरवरी को 23 साल के होने वाले थे। उनकी जिंदगी का फलसफा था कि ‘जिंदगी लंबी नहीं बड़ी होनी चाहिए।

अपनी जिंदगी के इस फलसफे को उन्होंने सच कर दिखाया। 22 साल में वो कैप्टन बने और रविवार को वो देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। इस तरह देखें तो उनकी जिंदगी भले ही छोटी रही लेकिन वो अपनी उसे बड़ी कर गए। कैप्टन कपिल कुंडू आने वाली 10 फरवरी को 23 साल के होने वाले थे। वो अपनी मां को अपने जन्मदिन पर एक सरप्राइज देने वाले थे। यह बात उनकी मां ने ही बताई है। इसके बारे में उन्हें बेटे के शहीद होने के बाद ही पता चला। अपने बेटे के शहीद होने का गम तो विधवा मां को बहुत है लेकिन वह अब भी कहती हैं कि अगर मेरे और भी बेटे होते तो मैं उन्हें भी देश के लिए कुर्बान कर देती।

उन्होंने कहा कि मेरा बेटा मुझे सरप्राइज देने वाला था। ये मेरी बेटियों ने मुझे आज ही(सोमवार) बताया। कैप्टन कुंडू की मां बोलीं 10 फरवरी को उसका जन्मदिन है और उसने घर आने के लिए टिकट करा रखी थी। ये बात उसने अपनी बहनों को बताई थी ‌क्योंकि वो मुझे सरप्राइज देना चाहता था लेकिन इस खबर ने तो सभी को सरप्राइज कर दिया है। उनका कहना है कि जब मैंने उससे कहा था कि सेना में मत जा कोई और जॉब कर ले तो वो बोला था कि मां मैं कागजी कामों में फंसा नहीं रहना चाहता।

मैं आर्मी ज्वाइन करना चाहता हूं। तब मैंने कहा कि तू जो करना चाहे कर। मां ने बताया कि बेटे से पिछले दो दिन से उनकी बात नहीं हो पाई थी। वहीं कपिल के दादा जी ने भी बताया कि उससे बात नहीं हो पाई थी दो दिन से। दो दिन पहले जब बात हुई थी तो वो बोला था कि आप अपना खयाल रखिए मैं ठीक हूं।

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