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15 हजार लोगों को रोजगार देने की तैयारी में योगी सरकार, इन शहरों में होने जा रहा है कुछ बड़ा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री लगातार अपने राज्य को देश का सर्वोच्च राज्य बनाने की राह में अग्रसर हैं. जहां एक तरफ उन्होंने सभी अपराधियों के साम्राज्यों को ध्वस्त करते हुए. सूबे में अमन चैन का एक नया दौर शुरू किया है. तो वहीं दूसरी तरफ योगी जी सूबे के सभी नौजवान और बेरोज़गार युवाओं को रोज़गार देने के लिए आये दिन बड़े और इस्तिहासिक फैसले ले रहे हैं. अब इसमें आप चाहे उत्तर प्रदेश में नई फिल्म सिटी खोलने के फैसले के बारे में बात कर लीजिये या फिर उनके मज़बूत नेतृत्व और उनकी ओर से लाये गये सुशासन से प्रेरित होकर दुनिया की टॉप कंपनियों के उत्तर प्रदेश में निवेश करने की बात कर लीजिये.

तो इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने सूबे में नई स्टार्टअप नीति 2020 को मंजूरी दी है, जिसके तहत राज्य के सभी डिवीजनों में IT और सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है. इसी क्रम में राज्य सरकार ने रविवार को सहारनपुर के पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र में एक IT पार्क स्थापित करने की घोषणा की है. इस पार्क  को भारत के सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (STPI) के सहयोग से 200 एकड़ में तैयार करने का प्रस्ताव रखा गया है. बताया जा रहा है कि इससे करीब 15,000 लोगों को रोजगार मिलेगा.

औद्योगिक विकास विभाग, IT और इलेक्ट्रानिक्स विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार ने बताया, “इस योजना के तहत सहारनपुर में 200 एकड़ में तैयार किए जा रहे पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र में 3 एकड़ में आईटी पार्क बनाने का प्रस्ताव है, जिसमें STPI के मानकों के मुताबिक प्लग-एंड-प्ले सुविधाएं भी तैयार की जाएंगी.”

STPI के सहयोग से तैयार किए जा रहे सभी IT पार्कों के लिए राज्य सरकार ने जमीन की नि:शुल्क व्यवस्था की है और इन IT पार्कों के लिए स्थानीय सूचना प्रौद्योगिकी यानी की Local Information Technology और स्टार्टअप कंपनियों के चयन की प्रक्रिया भी एक साथ कराई जा रही है. कुमार ने बताया कि मेरठ और आगरा में IT पार्क तैयार करने का काम लगभग पूरा हो चुका है और गोरखपुर और वाराणसी IT पार्क इसी साल सितंबर तक तैयार हो जाएंगे.

इसी समय, STPI कानपुर के पनकी में मौजूदा भूमि पर भी निर्माण शुरू कर देगा और बरेली में IT पार्क प्रोजेक्ट के लिए भारतीय टर्पेन्टाइन और रोसिन कंपनी की जमीन को हासिल करने के लिए प्रक्रिया जारी है. आलोक कुमार ने कहा कि लखनऊ और प्रयागराज में प्लग एंड प्ले सुविधा पहले से ही चल रही है और साल 2019-20 में लखनऊ के STPI सेंटर से 230 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ है. जिसके चलते लखनऊ STPI सेंटर से 20 IT/स्टार्टअप कंपनियां चलाई जा रही हैं.

इसी तरह गोरखपुर में IT पार्क, गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) की 3.58 एकड़ की जमीन पर तैयार किया गया है, जिसमें से 3,432 स्क्वैर फीट की जमीन प्लग-एंड-प्ले सुविधा के लिए छोड़ी गई है. इसमें पांच सालों की अवधि में करीब 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है और हर साल 5 से 10 करोड़ रुपये का निर्यात राजस्व का अनुमान लगाया गया  है.

कुमार ने कहा कि मेरठ में 2.5 एकड़ के क्षेत्र पर 25,074 वर्ग फुट का IT पार्क तैयार किया गया है. इससे 6 से 10 करोड़ रुपये का वार्षिक निर्यात और 5,000 रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है. इसी तरह, आगरा में 2 एकड़ के क्षेत्र में तैयार किए जा रहे IT पार्क से अगले पांच सालों में 5,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है और सालाना 6 से 10 करोड़ रुपये का निर्यात राजस्व मिलने का अनुमान है.

तो उत्तर प्रदेश में एक के बाद एक ऐसी विकासशील मुहिमों को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि वो दिन दूर नहीं जब सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश के बेरोज़गार युवाओं को उत्तर प्रदेश से रोज़गार मिल सकेगा. इस खबर पर आपके क्या विचार है हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं.

LiveKhattaMeetha.

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