2जी घोटाले में मनमोहन, संप्रग का रुख सही साबित हुआ

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने गुरुवार को 2जी घोटाले के सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के बाद कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम पर कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सही साबित हुए हैं कि स्पेक्ट्रम के आवंटन और दूरसंचार कंपनियों को दिए गए लाइसेंस में कोई घोटाला नहीं हुआ था।

सिब्बल ने दिल्ली की विशेष अदालत द्वारा बहुचर्चित 2जी घोटाले में गुरुवार को पूर्व दूरसंचार मंत्री ए.राजा और डीएमके सांसद कनिमोझी सहित सभी आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के बाद संवादाताओं से कहा, “मनमोहन सिंह और संप्रग सरकार आज सही साबित हुए हैं।”

सिब्बल ने तत्कालीन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) विनोद राय से माफी की भी मांग की, जिन्होंने अपनी दूरसंचार ऑडिट रिपोर्ट में कहा था कि 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस को कौड़ियों के भाव आवंटित करने के लिए राजस्व को 1.76 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

कांग्रेस नेता ने कहा कि राय को देश से माफी मांगनी चाहिए। उनकी और भाजपा की वजह से आज दूरसंचार उद्योग बुरी हालत में है। सिब्बल ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से भी माफी मांगने को कहा है, जिसने तत्कालीन संप्रग सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।

सिब्बल ने कहा, “उन्हें (भाजपा) माफी मांगनी चाहिए। आज के फैसले से तत्कालीन सरकार सही साबित हुई।” ए.राजा के इस्तीफे के बाद कपिल सिब्बल दूरसंचार मंत्री बने थे और वह उस वक्त कहते रहे कि इस तरह का कोई घोटाला नहीं हुआ और राजस्व को कोई नुकसान भी नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा, “मैंने लोगों से कहा था कि कुछ गलत नहीं हुआ। और आज मैं, तत्कालीन सरकार व पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सही साबित हुए।”

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