बारिश से बिहार और असम में 20 की मौत, गोरखपुर में कहर बरपा रहीं नदियां

पटना: बिहार और उत्तर प्रदेश में कई नदियों में पानी खतरे के निशान से ऊपर बढ़ने से व्यापक क्षति हुई है। उत्तर बिहार के जिलों में बाढ़ व बारिश के पानी में डूबने से रविवार को पंद्रह लोगों की मौत हो गई। असम में भी बाढ़ के हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। यहां 23 जिलों के 25 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इसके कारण पांच और लोगों की मौत हो गई है।

उत्तर बिहार के जिलों में बाढ़ व बारिश के पानी का कहर जारी है। आठ लोगों की मुजफ्फरपुर और सात की पूर्वी चम्पारण में डूबने से मौत हो गई। बिहार में बाढ़ से अब उत्तर बिहार के कुल 11 जिले प्रभावित हो गए हैं। रविवार को सारण जिले के पांच प्रखंड में भी पानी घुस गया। इसके साथ ही इन 11 जिलों के 86 प्रखंडों की 625 पंचायतें बाढ़ से घिर गई हैं। यहां की करीब 15 लाख की आबादी बाढ़ की चपेट में है। शनिवार तक राज्य में दस लाख 61 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित थे।

तालाबों में बाढ़ का पानी भर जाने से उत्तर बिहार के मछली पालन व्यवसाय को भी खासा नुकसान हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्रुडु ने बताया कि हेलीकॉप्टर के माध्यम से रविवार को भी गोपालगंज और पूर्वी चंपारण के विभिन्न गांवों में फूड पैकेट्स बाढ़ पीड़ितों तक पहुंचाए गए।

उधर, गंडक नदी का कहर कम नहीं हो रहा है। नेपाल से पानी आना बहुत ही कम हो गया है। बावजूद इस नदी का दबाव काफी है। रविवार को बैंकुन्ठपुर के पास रिटायर्ड बांध चार जगह टूट गया। इसके कारण कई नए इलाके में बाढ़ का पानी घुस गया है। राज्य में गंगा का जलस्तर थोड़ा बढ़ा है लेकिन अब भी पटना में यह लाल निशान से काफी नीचे है।

गोरखपुर के 63 गांव पानी में घिरे
गोरखपुर में राप्ती-रोहिन, गोर्रा और सरयू की तेज धार कहर बरपाने लगी है। कुछ स्थानों पर बंधों पर दबाव भी तेज हो गया है। 63 गांव बाढ़ के पानी में पूरी तरह या आंशिक रूप से घिर गए हैं। प्रभावित गांवों के ग्रामीणों को दिक्कतें होने लगी हैं। प्रशासन ने इन गांवों को राहत पहुंचाने के लिए 126 नावें लगाई गई हैं।

उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के छह जिलों में 28 और 29 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि, 27 जुलाई को नैनीताल, चंपावत, ऊधमसिंह नगर जिलों में भारी बारिश हो सकती है। 28 और 29 जुलाई को पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और ऊधमसिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। राज्य में बारिश, भूस्खलन के कारण कुल 109 सड़कें बंद हैं। सड़कों को खोलने के लिए राज्य में 215 जेसीबी और पोकलैंड मशीनों को लगाया गया है। ऋषिकेश बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग तोताघाटी में छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है।

असम में अब तक 128 लोगों की जान जा चुकी
असम में बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 128 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 102 लोगों की मौत बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में और 26 की मौत भूस्खलन के कारण हुई। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अपनी बाढ़ संबंधी नियमित रिपोर्ट में बताया कि हाल में बारपेटा तथा कोकराझार जिलों में दो-दो व्यक्तियों की मौत हुई तथा मोरीगांव जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई। प्राधिकरण ने बताया कि राज्य में 24.76 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सर्वाधिक 4.7 लाख से अधिक लोग गोलपाड़ा में प्रभावित हैं। उसने बताया कि राज्य में 101 नौकाएं तैनात की गई हैं। बीते 24 घंटे में जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों ने 188 लोगों को बचाया है।

केंद्रीय मंत्री ने मदद का आश्वासन दिया
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल से बातचीत की। उन्होंने राज्य में आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढांचे की मरम्मत तथा सामान्य स्थिति बहाल करने में मदद का आश्वासन दिया। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास के लिए केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जिस भी मदद की आवश्यकता होगी, पूर्वोत्तर परिषद को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार असम, अरूणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के अन्य बाढ़ प्रभावित राज्यों में लगातार निगरानी कर रही है। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाढ़ की स्थिति के बारे में व्यक्तिगत रूप से नियमित तौर पर जानकारी लेते हैं।

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